अजब-गजब : जानवरों के भी बेस्ट फ्रेंड होते हैं..जैनी और मग्दा ने किया साबित, प्रकृति में नीले रंग का खाना है दुर्लभ

क्या आप जानते हैं कि वनस्पति विज्ञान में केले बेरी की श्रेणी में आते हैं, जबकि स्ट्रॉबेरी नहीं। शार्क 400 मिलियन साल से मौजूद हैं, जबकि पेड़ सिर्फ 350 मिलियन साल पहले आए है। और ये कि शहद कभी खराब नहीं होता..पुरातत्वविदों को मिस्र के मकबरों में 3000 साल पुराना शहद मिला, जो अभी भी खाने योग्य था। प्रपोज़ करने का रिवाज़ सिर्फ इंसानों में नहीं है..नर पेंगुइन अपनी मादा पार्टनर को एक चिकना कंकर देकर प्रपोज करते हैं।
Strange facts about the World

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Strange and Mysterious Facts About the World : ये दुनिया कई तरह के रहस्यों से भरी हुई है। अगर हम चारों तरफ नजर डालें तो हर कोने में कुछ न कुछ ऐसा छुपा है जो हमें हैरान कर देता है। कभी आसमान में तारों की चमक रात को एक जादुई नजारा बनाती है तो कभी समंदर की गहराइयां हमें अचरज में डालती हैं जहां अनगिनत अनदेखे जीव-जंतु अपनी अलग दुनिया बसाए हुए हैं। पहाड़ों की चोटियां, बादलों का कपास, जंगलों की हरीतिमा..ये सब किसी जादू से कम नहीं।

कभी-कभी प्रकृति के ये रहस्य हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि हम कितना जानते हैं और कितना कुछ अभी भी अनजाना है। इंसान ने चाँद पर कदम रखा, मंगल ग्रह की सैर की ख्वाहिश की लेकिन धरती के कितने रहस्य हैं जिन्हें अब भी सुलझा नहीं पाया है। हर दिन कुछ नया सामने आता है..कभी कोई पुरानी सभ्यता का निशान तो कभी कोई ऐसा जानवर या पौधा जिसके बारे में पहले कभी सुना ही नहीं।

दुनिया के अजीबोगरीब रहस्य 

ये रहस्य ही इस दुनिया को और खूबसूरत बनाते हैं। ये हममें जानने की उत्सुकता जगाए रहते हैं। ये राज़ हमें बताते हैं कि चाहे जितना जान लो, हमेशा कुछ न कुछ ऐसा है बाकी रहेगा..जो हमें चौंका देगा। तो आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही रहस्य लेकर आए हैं, जो आपको हैरत में डाल देंगे।

क्या आप जानते हैं…

1.  जानवरों की दोस्ती : एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दो हाथियों की दोस्ती नज़र आ रही है। जैनी और मग्दा दो हाथी थे जो रूस के एक सर्कस में 25 साल से अधिक समय तक साथ रहे। इनके बीच एक गहरा रिश्ता बन गया था। हाल ही में जैनी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद मग्दा का व्यवहार बेहद भावुक और हृदयस्पर्शी रहा। जैनी की मृत्यु के बाद मग्दा घंटों तक उसके पास रहा और उसे अपनी सूंड से उठाने की कोशिश करता रहा। उसने जैनी को गले लगाने की कोशिश की और चिकित्सकों को भी उसके करीब आने से रोकने का प्रयास किया। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि इसे देखने वालों की आंखें नम हो गईं। इस घटना से साबित होता है कि जानवरों में भी दोस्ती का भाव होता है। खासकर गायों में..कुछ अध्ययनों से पता चला है कि गायें अपने पसंदीदा साथियों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं और उनके बिछड़ने पर तनाव में आ सकती हैं।

2. मधुमक्खियां गणित समझती हैं : हाल के शोध बताते हैं कि मधुमक्खियां शून्य को समझ सकती हैं और बुनियादी गणितीय गणनाएँ कर सकती हैं। वैज्ञानिकों ने पाया है कि मधुमक्खियां “शून्य” को समझ सकती हैं, यानी उन्हें पता है कि कुछ भी न होना क्या होता है। यह बहुत हैरानी की बात है क्योंकि मधुमक्खियों का दिमाग बहुत छोटा होता है, फिर भी वे ऐसी चीजें समझ सकती हैं जो पहले सिर्फ इंसानों या बड़े जानवरों के बारे में सोची जाती थीं।

3. इंसान का डीएनए केले से मिलता है : ये बात सच है कि इंसान का DNA केले के डीएनए से लगभग 60% मेल खाता है। सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन ये तथ्य इस बात को दर्शाता है कि जीवन के सभी रूप एक ही मूल से विकसित हुए हैं। हालांकि, इस समानता का मतलब यह नहीं है कि हम 60% केले जैसे हैं। डीएनए में समानता सिर्फ आनुवंशिक कोड की समानता दर्शाती है न कि रूप, व्यवहार या संरचना की।

4. आपके शरीर में Gold है : क्या आपको पता है कि एक औसत इंसान के शरीर में लगभग 0.2 मिलीग्राम सोना मौजूद होता है। हालांकि यह मात्रा इतनी कम है कि इतनी कि इसे नंगी आंखों से देखना नामुमकिन है। अगर इसे समझने के लिए एक उदाहरण लें तो 0.2 मिलीग्राम सोना एक छोटे से धूल के कण जितना भी नहीं होता। यह सोना मुख्य रूप से हमारे खून में पाया जाता है, लेकिन कुछ मात्रा हड्डियों और अन्य ऊतकों में भी हो सकती है।

5. नीले रंग का खाना प्रकृति में दुर्लभ है : आपकी थाली में नीले रंग के कितनी चीजें होती हैं। ये हैरान करने वाली बात है कि प्रकृति में नीला रंग बहुत कम खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे कि ब्लूबेरी। हमारी प्रकृति में ज्यादातर खाने की चीज़ें हरे, लाल, पीले या भूरे रंग की होती हैं..लेकिन नीला रंग बहुत कम दिखता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नीला रंग बनाने वाले तत्व (pigments) पौधों या जानवरों में आसानी से नहीं बनते। कुछ खास चीज़ें जैसे ब्लूबेरी में नीला रंग होता है, लेकिन वो भी असल में गहरा बैंगनी होता है जो नीले जैसा लगता है। तो कुल मिलाकर, नीले रंग का खाना प्रकृति में ढूंढना मुश्किल है।

5. पृथ्वी पर एक दिन हमेशा 24 घंटे का नहीं था : आज हमारा एक दिन 24 घंटे का होता है, लेकिन बहुत पहले (लगभग 4.5 अरब साल पहले) जब पृथ्वी नई-नई बनी थी तब ऐसा नहीं था। उस समय पृथ्वी बहुत तेज़ी से घूमती थी जिसकी वजह से एक दिन पूरा होने में 24 घंटे से बहुत कम समय लगता था, शायद 6 से 8 घंटे। धीरे-धीरे लाखों-करोड़ों सालों में पृथ्वी की घूमने की गति कम हुई क्योंकि चांद और सूरज की गुरुत्वाकर्षण शक्ति ने इसे धीमा किया। इसीलिए आज एक दिन 24 घंटे का है।

7. आपके मुंह में अंतरिक्ष से ज्यादा बैक्टीरिया हैं :  आपके मुंह में बहुत सारे बैक्टीरिया रहते हैं..इतने कि उनकी संख्या अंतरिक्ष में दिखने वाले तारों से भी ज्यादा हो सकती है। अंतरिक्ष में तारे तो बहुत हैं लेकिन उन्हें गिना नहीं जा सकता। यही हाल मुँह के बैक्टीरिया का भी है। आपके मुंह में हर वक्त लाखों-करोड़ों छोटे-छोटे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। ये बैक्टीरिया खाने को पचाने में मदद करते हैं पर आप इन्हें अपनी आंखों से देख नहीं सकते, क्योंकि ये बहुत छोटे होते हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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