ये हैं आंध्र प्रदेश की 5 पारंपरिक मिठाइयां, लाजवाब है इन्हें बनाने का तरीका

आंध्र प्रदेश भारत का एक प्रसिद्ध राज्य है। ये राज्य अपनी समृद्ध परंपराओं की वजह से पहचाना जाता है। चलिए यहां की पारंपरिक मिठाइयों के बारे में जानते हैं।
traditional sweets

Traditional Sweets: आंध्र प्रदेश भारत का एक बहुत ही प्रसिद्ध और खूबसूरत राज्य है। यह राज्य अपने सुंदरता, संस्कृत और परंपराओं के लिए पहचाना जाता है। इसके अलावा यह अपने मसालेदार, तीखे और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। यहां की कुछ मिठाइयां भी हैं जो बहुत ही स्वादिष्ट है और जब आप इन्हें खाएंगे तो आपका दिल खुश हो जाएगा।

पुथरेकुलु

यह आंध्र प्रदेश की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है। इसे चावल के आटे और गुड़ से तैयार किया जाता है। चावल के आते कोई कपड़े पर फैलाने के बाद उसमें गुड़ मिक्स किया जाता है और फिर शंकु आकार में लपेटकर रखा जाता है। इस मिठाई को तब तक भोना जाता है जब तक यह भूरे सुनहरे रंग की नहीं हो जाती।

सुन्नुंडालु

इस मिठाई का नाम भले ही कठिन है लेकिन खाने में यह बहुत लाजवाब होती है। इसे भुनी हुई उड़द की दाल के आटे और गुड़ से तैयार किया जाता है। यह आंध्र प्रदेश के व्यंजनों का प्रमुख हिस्सा है। त्योहार और विशेष अवसरों पर इस खास तौर पर तैयार किया जाता है। इसे बनाने के लिए उड़द की दाल को भून जाता है और फिर बारीक पीसकर पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर में अच्छा इलायची और घी मिक्स किया जाता है। इसके बाद इसे लड्डू में आकर देकर हमने के लिए छोड़ दिया जाता है।

बंदर लड्डू

इस मिठाई का नाम बहुत अजीब है लेकिन यह आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम शहर की लोकप्रिय मिठाई है। यह चने के आटे, चीनी और घी के मिश्रण से तैयार की जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट और स्वाद है जो बाकी लड्डुओं से अलग होती है। इसे बनाने के लिए चैन के आटे को घी में सुनहरा होने तक भूना जाता है। इसके बाद इसमें चीनी की चाशनी डाली जाती है और गाढ़ा होने पर छोटे-छोटे लड्डू बना दिए जाते हैं।

अरिसेलु

यह बहुत ही स्वादिष्ट मिठाई है जो खाने में लाजवाब लगती है। ये आंध्र प्रदेश के पारंपरिक मिठाई है। जो चावल के आटे, गुड और इलायची के मिश्रण से तैयार होती है।

पालकोवा

ये आंध्र प्रदेश की पारंपरिक मिठाई है जिसे चीनी और दूध को मिक्स कर बनाया जाता है। इस तब तक उबाला जाता है जब तक ये गाढ़ा ना हो जाए। इसे लोग बड़े ही चाव से खाते हैं।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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