शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही, आबकारी अधिकारी निलंबित

शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही, आबकारी अधिकारी निलंबित

अलीराजपुर। यतेन्द्रसिंह सोलंकी। जिले में आबकारी विभाग के प्रभारी जिला अधिकारी धमेंद्रसिंह भदौरिया को आगामी वित्तिय वर्ष के शराब ठेकों की नीलामी में लापरवाही व उदासीनता दिखाना महंगा पड़ गया। उन्हें शासन ने उनकी इस लापरवाही के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। जिले के शराब दुकानों के ठेकों की नीलामी समय पर नहीं होने के चलते भदौरिया को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

अलीराजपुर जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में आबकारी नीति वर्ष 2020-21 के अंतर्गत देशी विदेशी मदिरा दुकानों के निष्पादन के संबंध में शासन द्वारा की गई समीक्षा में आलीराजपुर जिले में शासन को स्थिति असंतोषजनक पाई गई है। जिसके तहत वाणिज्य कर विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा अपने पत्र क्र्रमांक भोपाल दिनांक 20 मार्च 2020 में आदेश पारित करते हुए आलीराजपुर जिला आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया को निलंबित कर दिया है। इस दौरान भदौरिया को निलंबन अवधि में जीवन निर्वहन भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी। वहीं निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा।

वाणिज्य कर विभाग मंत्रालय भोपाल के उप सचिव एस.डी. रिछारिया ने अपने पत्र क्रमांक 999/1212/2020/5 भोपाल दिनांक 20 मार्च 2020 में आदेश पारित करते हुए बताया कि आबकारी नीति वर्ष 2020-21 के अंतर्गत देशीध्विदेशी मदिरा दुकानों के निष्पादन के संबंध में की गई समीक्षा में आलीराजपुर जिले में स्थिति असंतोषजनक है एवं निष्पादन संबंधी कार्यवाही निराशाजनक रही है। उक्त जिले के निष्पादन के संबंध में धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया जिला आबकारी अधिकारी, संभागीय उड़नदस्ता इन्दौर एवं प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी जिला अलीराजपुर द्वारा की गई कार्यवाही अत्यंत असंतोषजनक पाई गई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews