मेरा काम अवैध उत्खनन रोकना नहीं बल्कि नदी को नुकसान पहुंचने से रोकने है : कम्प्यूटर बाबा

मेरा काम अवैध उत्खनन रोकना नहीं बल्कि नदी को नुकसान पहुंचने से रोकने है : कम्प्यूटर बाबा

अनूपपुर । मो अनीश तिगाला।

कंप्यूटर बाबा 28 जनवरी को अनूपपुर के दौरे पर आए जहां उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि नदिया कल- कल की आवाज से स्वच्छ रूप से बहे। मैंने अनूपपुर आकर नदियों के बारे में जाना और स्वयं सोन नदी का निरीक्षण भी किया और देखा कि ओपीएम द्वारा सोन नदी को दूषित किया जा रहा है जिसका जल लेकर मैं जांच करवाऊँगा और पानी मे गड़बड़ी पाए जाने पर शासन को कार्रवाई के लिए लिखूंगा मेरा काम अवैध उत्खनन रोकना नही बल्कि नदी को नुकसान पहुचने से रोकने का है उक्त बात नवीन सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान कंप्यूटर बाबा ने कहीं।

मुझे नर्मदा को बचाना है
कंप्यूटर बाबा ने कहा कि मैं नर्मदा उत्सव पर अमरकंटक आऊंगा और देखूंगा कि कहां पर गड़बड़ी हो रही है मुझे नर्मदा को बचाना है माँ नर्मदा नदी में गंदा पानी मिलने बिल्कुल नहीं दिया जाएगा आपने कहा किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन हो चाहे वह किसी के द्वारा भी किया जा रहा हो उस पर कठोर कार्यवाही करें। आपने कहा नदी क्षेत्र में सिर्फ़ मैन्यूअल उत्खनन ही हो अगर किसी विशेष परिस्थिति में मशीन का उपयोग आवश्यक है तो कलेक्टर जाँच उपरांत आवश्यकता की पुष्टि होने पर नियमानुसार अनुमति दें। इस दौरान आपने कहा अनूपपुर में आकर बहुत अच्छा लगा यहाँ की जलवायु अच्छी है। आपने प्रशासन एवं पुलिस को संयुक्त रूप से गश्त कर अवैध उत्खनन पर पैनी नज़र रखने के निर्देश दिए। साथ ही आपने नदियों के दोनो तरफ़ पौधारोपण करने एवं उन्हें संरक्षित कर वृक्ष बनाने हेतु कार्ययोजना बनाने एवं उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कहा।

केवल कुटिया बनाएं
अगर साधु संतों को अमरकंटक में रहना है तो को कुटिया बनाकर रहना होगा वह वहां फाइव स्टार होटल ना बनाएं जो प्राकृतिक स्थल है अमरकंटक का उसे वहां रहने दिया जाए अमरकंटक के क्षेत्र के साथ छेड़छाड़ बिल्कुल ना किया जाए चाहे बाबा हो या नेता हो यदि गलत करेंगे तो उसका प्रणाम गलत होगा पक्का निर्माण बिल्कुल भी ना करें अमरकंटक की धरोहर को बनाए रखें।

पौधे लगाने एवं उनका पोषण करने का आह्वान
वृक्ष रक्षति रक्षत वृक्षों की रक्षा करने से हमारी भी सुरक्षा होती है। महा मण्डलेश्वर कम्प्यूटर बाबा अध्यक्ष माँ नर्मदा क्षिप्रा एवं मंदाकिनी नदी न्यास एवं समस्त सहयोगी नदियां (म.प्र.शासन) ने नवीन सर्किट हाउस में वृक्षारोपण किया, इस दौरान आपने अनूपपुर ज़िले समेत प्रदेश के समस्त निवासियों से आह्वान किया है कि हर एक परिवार कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसका संरक्षण एवं पोषण कर वृक्ष बनाए। पर्यावरण संरक्षित करने हेतु संगठित प्रयास करना आवश्यक है। आपने कहा सिर्फ़ पौधारोपण पर्याप्त नही है उनकी सुरक्षा कर उन्हें वृक्ष बनाना भी एक अहम ज़िम्मेदारी है। आपने कहा पूर्व में किए गए वृक्षारोपण परिणामों की जाँच की जाएगी लापरवाही करने वालों को बख्शा नही जाएगा। इस दौरान आपने मीडिया के माध्यम से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण हेतु जनजागृति का अभियान चलाएँ। सभी नागरिकों व्यवसायियों उद्योगपतियों को सतत संवहनीय विकास एवं उत्कृष्ट जीवनयापन हेतु प्रकृति के संकेतों को समझ अनुरूप आचरण करना होगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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