सिंधिया बनाम केपी यादव, भाजपा में घमासान

सिंधिया बनाम केपी यादव, भाजपा में घमासान

अशोकनगर(हितेंद्र बुधौलिया)| आज मुंगावली विधानसभा के लिए हुई भाजपा की वर्चुअल रैली में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के शामिल होने एवं क्षेत्रीय सांसद डॉ के पी यादव के शामिल ना होने के मामले को तूल पकडे कुछ घण्टे ही बीते थे कि कल अशोकनगर विधानसभा के लिये होने वाली ऑनलाइन रैली के दौरान भी सांसद केपी यादव को दरकिनार करने का मामला सामने आ गया। साल भर पहले जिन सिंधिया को डॉ केपी यादव ने लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त दी थी । वही सिंधिया भाजपा में आ कर ना केवल ताकतवर हो गये बल्कि गुना सांसद केपी यादव को कमजोर एवं दरकिनार करने की शुरुआत भी मानी जा रही है।

ताजा मामला कल अशोकनगर विधानसभा को लेकर होने वाली भाजपा की वर्चुअल रैली से जुड़ा है। कल होने वाली रैली को लेकर दो तरह के मैसेज सोशल मीडिया पर चल रहे है। जिसमे एक मे स्थानीय सांसद केपी यादव के नाम है। जबकि दूसरे में उनका नाम नही है।

अशोकनगर विधानसभा के मीडिया प्रभारी के द्वारा सोशल मीडिया पर कल होने वाली वर्चुअल रैली को लेकर एक पोस्ट डाली गई थी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के साथ राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं क्षेत्रीय सांसद केपी यादव सहित भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश रघुवंशी एवं पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी के शामिल होने की सूचना है। इस पोस्ट के थोड़ी देर बाद ही सिंधिया आईटी सेल नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर लगभग इसी रैली को लेकर सूचना है ,जिसमें प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम उल्लेखित है। इसमें स्थानीय सांसद डॉ के पी यादव का नाम नहीं लिखा गया है। इसके बाद बिना सांसद केपी यादव के नाम वाली पोस्ट ही जायदा शेयर की जा रही है। इससे स्पष्ट हो जाता है कि सांसद केपी यादव और सिंधिया के बीच की तनातनी खत्म होने की जगह बढ़ती ही जा रही है।

जिस सांसद के क्षेत्र में दो उपचुनाव पोस्टर से वो ही गायब
कल होने वाली इस वर्चुअल रैली को लेकर होने वाली सूचनाओं से तो सांसद के पी यादव का नाम हटा ही दिया गया है। साथ ही इस रैली को लेकर जारी किए गए पोस्टर में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सिंधिया का फोटो लगाया गया है। जबकि जिन डॉ केपी यादव के संसदीय क्षेत्र में यह कार्यक्रम हो रहा है उनका फोटो इस पोस्टर से गायब हो गया है। अगर और किसी जगह की बात होती तो भाजपा में यह बड़ा मामला होता कि स्थानीय सांसद का फोटो पोस्टर से गायब है एवं प्रदेश के राज्यसभा सासंद का फोटो पोस्टर पर है। लेकिन मामला सिंधिया से जुड़ा है इसलिय इस पर कोई कुछ नही कह रहा।

गुटबाजी तेज, पार्टी नेता टाल रहे सवाल
भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश रघुवंशी इस सवाल को टाल गये जबकि सांसद केपी यादव के ऑनलाइन रैलियों में ना होने पर तकनीकी एवं व्यवस्थाओ का हवाला दे कर इस मुद्दे से बचने की कोशिश करते रहे। इन सारी बातों से माना जा रहा है कि सिंधिया के भाजपा में आने के बाद ही गुटबाजी शुरू हो गई है , जिसके शिकार सांसद के पी यादव हो रहे है। आज मुंगावली में हुई व रैली में भी सांसद के पी यादव नदारद रहे जबकि कल होने वाली रैली को लेकर भी फिलहाल उनके नाम की कोई चर्चा नहीं है। उनके लोकसभा क्षेत्र में अशोकनगर जिले की दो विधानसभाओ में उपचुनाव होने बाले है। ऐसी स्थिति में जब आज और कल होने वाली ऑनलाइन रैलियों को चुनाव का आगाज माना जा रहा है। तब सांसद केपी यादव को दरकिनार किया जाना लोकसभा चुनाव की हार से जुड़ा मामला माना जा रहा है।

सिंधिया पर मौन हैं यादव
इस तनातनी को लेकर केपी यादव की तरफ से की गई चीजों को भी बड़ी वजह मानी जा रही है। तीन माह पहले जब सिंधिया भाजपा में आये थे तब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व सहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भर के नेताओ ने सिंधिया का बड़े गर्म जोशी से स्वागत किया था। मगर सांसद केपी यादव इस मामले में तंगदिल रहे सार्वजनिक रूप से उन्होंने सिंधिया के भाजपा में आने पर कुछ भी नही कहा। हाल ही में बीते विधानसभा चुनाव में उनको चुनाव हराने बाले ब्रजेन्द्र यादव को मप्र सरकार में मंत्री बना दिया गया तब भी के पी यादव की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही आई।

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