कोरोना संकट के बीच झूठी शिकायतों से परेशान प्रशासन, देखिये वीडियो

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अशोकनगर मुंगावली/अलीम डायर

कोरोनावायरस के चलते एक और जहां संपूर्ण भारत को 14 अप्रैल तक लॉक डाउन किया गया है. इस दौरान सामंजस्य बनाए रखने के लिए शासन प्रशासन दिन-रात भाग दौड़ में लगा है तो वहीं कुछ लोगों द्वारा 181 पर झूठी शिकायतें कर जबरन परेशान किया जा रहा है।

ऐसा ही एक मामला नगर परिषद मुंगावली के समक्ष आया जिसमें चंदेरी रोड निवासी एक व्यक्ति अशोक विश्वकर्मा द्वारा खाद्य सामग्री ना मिलने की शिकायत 181 पर की गई। लेकिन जब अधिकारियों द्वारा उसकी जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि 3 महीने का राशन वह पहले ही ले चुका है जब इसके बारे में संबंधित व्यक्ति से पूछा गया तो उसने खुद बोला कि उसके द्वारा झूठी शिकायत की गई थी जिसकी उसने माफी मांगी और लिखित मैं भी दिया और शिकायत वापस ली गई। वहीं अधिकारियों द्वारा समझाइश देकर शिकायतकर्ता को छोड़ दिया गया और कहा कि आगे से ऐसी झूठी शिकायत की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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