अशोकनगर- अतिवृष्टि के कारण कई इलाकों में बिगड़े हालात, प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण

अशोकनगर- अतिवृष्टि के कारण कई इलाकों में बिगड़े हालात, प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण

अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। जिले भर में एक सप्ताह तक लगातार हुई बारिश एवं शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद उफनते नदी नाले में फंसे लोगों को बचाने का काम तेजी से जोर पकड़ने लगा है। एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम मुंगावली एवं बहादुरपुर तहसील के कई गांवो में रेस्क्यू कर रही है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं। इस बीच जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक अशोक नगर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से बाढ़ से जुड़े मामलों की जानकारी ली एवं राहत कार्यों की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बाढ़ एवं उसके बाद की चीजों से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है और जिन 12 मंत्रियों को इसमें रखा गया है, उसमें ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सिंह तोमर भी है।

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प्रभारी मंत्री तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी एवं निजी संपत्तियों के नुकसान के आकलन, रोड एवं पुल-पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के बाद उन्हें बनाने, पीने के पानी की व्यवस्था करने, बिजली व्यवस्था बहाल करने, राशन मुहैया कराने एवं अन्य जरूरी चीजों को एक ही टेबल पर संपादित करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है। प्रभारी मंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि प्राकृतिक आपदा के दौर में इस इलाके के जनप्रतिनिधियों ,प्रशासनिक तंत्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समय रहते लोगों तक मदद पहुंचाई और किसी भी तरह की जन हानि को टाल दिया।

बता दें कि बर्री ,मदउखेड़ी , सकवरा गांव से करीब 100 लोगों को बचाया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना की एक टुकड़ी जिसमें करीब सवा सौ जवान है वह अशोकनगर पहुंच चुकी है। शुक्रवार रात में बारिश के थमने तथा बेतवा नदी के राजघाट एवं सिंध नदी के मणिखेड़ा के डैम के गेट खुलने से पानी के उतर जाने से बचाव दल सक्रिय हो पाया है। नदी किनारे के कई गांवों के कच्चे घर पूरी तरह गिर चुके है। इसके अलावा जानवरों के भी पानी में बह जाने की सूचना है। इस पूरी प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत वाली बात यह रही कि कहीं से भी किसी तरह की जन हानि की कोई सूचना नहीं है।

बहादुरपुर इस बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला क्षेत्र है। वहां दो प्रमुख नदियां कैथन और मोला नदी उफान पर आ जाने के कारण बहादुरपुर सहित आसपास के गांवों में पानी भर गया जिसके कारण बहादुरपुर कस्बा टापू में तब्दील हो गया। कैथन ओर मोला नदी पर बने पुल पर 10 फीट से अधिक पानी आ गया। हालांकि देर रात एनडीआरएफ की टीम जिले में पहुंच चुकी थी जिसके बाद टीम द्वारा रात को रेस्क्यू कर बहादुरपुर में फंसे कई लोगों को निकाला गया। इसके अलावा अशोकनगर में दो एसडीआरएफ टीम काम कर रही थी, जिसमें एक टीम तूमैन स्थित त्रिवेणी नदी पर रेस्क्यू कर रही थी तो वहीं दूसरी टीम बहादुरपुर के आसपास ग्रामीण इलाकों में जो बाढ़ प्रभावित थे उनमे रेस्क्यू कर लोगों को बचाने का कार्य किया गया। मुंगावली ब्लॉक के मलउखेड़ी गांव में कैथन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी गांव में भर गया था जिसके कारण लगभग 50 लोग फंस चुके थे। जिसके बाद सुबह 6 बजे एनडीआरएफ टीम गांव पहुंची, जहां उन्होंने रेस्क्यू कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला है। प्रशासन द्वारा सुबह गांव में पहुंचकर उनके खाने-पीने का इंतजाम भी किया गया है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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