कलेक्टर का आज आखरी दिन, नये कलेक्टर की नही हो सकी नियुक्ति

कलेक्टर का आज आखरी दिन, नये कलेक्टर की नही हो सकी नियुक्ति

अशोकनगर|हितेन्द्र बुधौलिया

कलेक्टर डॉ मंजू शर्मा का आज आखिरी सेवा दिन है। आज उनका रिटायरमेंट है । कार्यलय बन्द होने के साथ ही उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा ,मगर अभी तक अशोकनगर जिले में कलेक्टर की पदस्थापना नही हो पाई है। जिले में दो उपचुनाव है ऐसी स्थिति के बाद भी जब बीते एक पखवाड़े में के जिलों में कलेक्टर बदले गये। मगर अशोकनगर में कलेक्टर की नियुक्ति नही हो पाई बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभावक्षेत्र बाले इस जिले में अब तक कलेक्टर की पोस्टिंग ना हो पाने के पीछे राजनैतिक कारण रहे है। 2003 में गुना से अलग हो कर बने अशोकनगर जिले में 25 महीने पहले डॉ मंजू शर्मा को यहाँ की 15वी कलेक्टर बनी थी।तमाम बड़े उल्लेखनीय एवं विवादित मामलों के बाद भी डॉ मंजू शर्मा ने दो साल से जायदा यहां कलेक्टरी की जबकि इस जिले में कलेक्टर का औसत कार्यकाल एक साल ही रहा है। अब तक जिले में पदस्थ हुये 15 कलेक्टरों में डॉ शर्मा पहली कलेक्टर है जिनका रिटार्यडमेन्ट अशोकनगर से हो रहा है।

डॉ मंजू शर्मा के रिटायरमेंट के दिन तक अशोकनगर में कलेक्टर की पद स्थापना नहीं हो पाई ।इसके पीछे राजनैतिक कारण माने जा रहे है।यू तो जिले में नये कलेक्टर के आने की सुगबुगाहट सोशल मीडिया पर करीब 15 दिन पहले ही हो गई थी। उस समय चर्चा थी कि जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया द्वारा शैलबाला मार्टिन को अशोकनगर के कलेक्टर बनाये जाने की अनुशंसा की है यह मामला सोशल मीडिया पर खूब उछला जरूर था मगर ऐसा हुआ नही।इस बीच कई जिलों के कलेक्टर बदले मगर अशोकनगर में किसी की पोस्टिंग नही की गई।आज शाम को जब जिला कलेक्टर विहीन होने जा रहा है एवं चंद घण्टे कलेक्टर के कार्यकाल के बचे है तब भी नया कलेक्टर कौन होगा इस संबन्ध में आदेश जारी नही हो सके ।

सूत्रों से मिली जानकारी के बाद पूर्व प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया द्वारा अपने अशोकनगर में कलेक्टर के लिये नाम आगे बढ़ाने की चर्चा के बाद मामला ज्योतिरादित्य तक पहुँच गया था।इसी के बाद अशोकनगर में नये कलेक्टर की पदस्थापना नही हो पाई एवं कलेक्टर डॉ मंजू शर्मा रिटायर्डमेन्ट तक यहां कलेक्टर बनी रही। अब जिले में नए कलेक्टर को लेकर लोगो मे उत्सुकता है। देखते है कि आज जिले को नया कलेक्टर मिलता है या किसी अधिकारी को प्रभार मिलेगा।

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