घटिया मास्क देख भड़के विधायक, बोले-‘CMHO भगवान से डरो, जिंदगी से खिलवाड़ मत करो’

घटिया मास्क देख भड़के विधायक, बोले-‘CMHO भगवान से डरो, जिंदगी से खिलवाड़ मत करो’

अशोकनगर| प्रदेश में कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है, ऐसी स्तिथि में मास्क और सेनेटाइजर की आवश्यकता भी बढ़ गई है| वहीं प्रदेश में घटिया स्वास्थ्य सामग्री की शिकायतें भी सामने आने लगी है| जिले के चंदेरी से कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह चौहान ने घटिया मास्क बांटे जाने का आरोप लगाया है| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईसागढ़ का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक ने फ़ोन पर ही CMHO को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि किसी के ‘बाप का पैसा नहीं है मेरी विधायक निधि का पैसा है, भगवान् से डरो’ |

दरअसल, कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह चौहान बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईसागढ़ का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान विधायक मास्क देखकर भड़क गए और मौके से ही CMHO को फोन लगाकर फटकार लगाई। फोन लगाते ही विधायक ने CMHO को कहा कि हम जो कहेंगे वो आप को भेजना पड़ेगा। उन्होंने कहा भगवान से डरो सीएमएचओ साहब, भगवान को सबको जवाब देना है|

फोन पर बात करते हुए विधायक ने CMHO को कहा कि आप ने गलत किया। सैनेटाइजर सरकार भेज रहीं है। आप ने जो मास्क भेजा है ये दो घंटे में खराब हो जाएगा। लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ मत करो CMHO साहब। आप को कोई अधिकार नहीं है मेरे पैसे को खर्च करने का। मैं बताउगा की आप को पैसे कहा खर्च करना है। आप ने मेरा विश्वास खो दिया। आप को भगवान से डरना चाहिए।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह चौहान ने 10 लाख रुपये की राशि विधायक निधि से स्वास्थ्य सामग्री खरीदने दी गई थी, विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएमएचओ द्वारा जनता की 10 लाख रुपये की राशि का दुरुपयोग करते हुए घटिया मास्क की खरीदी की गई|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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