
अशोकनगर/अलीम डायर
कोरोना वायरस के चलते संपूर्ण भारत में लॉक डाउन जारी है और शासन प्रशासन द्वारा बार-बार यह अपील की जा रही है कि वह अपने घरों में ही रहें। लेकिन कुछ शरारती और हरफनमौला लोग बिना किसी कारण के घर से निकलने से बाज नहीं आ रहे है और बाजार में सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। ऐसे लोगों को पुलिस अब अपने तरीके से सबक सिखा रही है।
मुंगावली बीना मार्ग पर बने चेक पोस्ट पर पुलिसकर्मियों द्वारा लोगों को घर से ना निकलने की हिदायत दी गई पर लोग हैं कि मान ही नहीं रहे। इसके चलते पुलिस कर्मियों ने सख्त रवैया अपनाते हुए लोगों को मुर्गा बनाना शुरू कर दिया और कान पकड़कर उठक बैठक लगवाई जा रही है। साथ ही उन्हें यह चेतावनी देकर छोड़ा जा रहा है कि अगली बार अनावश्यक घूमते दिखाई दिए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

