सिंधिया के कॉंग्रेस छोड़ने के बाद जिले के नेता को मिली कॉंग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी

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अशोकनगर|हितेन्द्र बुधौलिया।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉंग्रेस छोड़ने के बाद जिले के वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता रमेश नायक को बड़ी जिम्मेदारी मिली है।करीब चार दशक से राजनीति कर रहे श्री नायक को सिंधिया के रहते पार्टी में सदा उपेक्षित किया जाता रहा है। अब उन्हें प्रदेश कोंग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया है।रमेश नायक दिग्विजय सिंह के कट्टर समर्थक है,इसीलिये उनकी सिंधिया से कभी बनी नही।

रमेश नायक प्रदेश वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं ।तमाम उपेक्षाओ के बाद भी इन्होंने कांग्रेस का साथ कभी नही छोड़ा। किसी समय दिग्विजय सिंह के साथ राजनीति की शुरुआत करने वाले रमेश नायक को अशोकनगर जिले का निवासी होना काफी महंगा पड़ा। यह इलाका पहले माधवराव सिंधिया एवं उनके पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव का रहा है। जहां कांग्रेस दूसरे गुट के समर्थकों को सदा उपेक्षित किया जाता रहा है। इतने वरिष्ठ नेता को प्रदेश की तो छोड़िए जिला स्तर के पद भी नही दिए गये। ना ही दिग्विजय सिंह ने कभी सिंधिया के क्षेत्र में दखलअंदाजी की इस कारण उनसे जुड़े लोग लगातार हाशिए पर बने रहे। बीते चुनाव में अशोकनगर जिले से एक साथ करीब आधा दर्जन लोगों को प्रदेश महासचिव बना दिया गया था ,जो रमेश नायक से बहुत कम अनुभव बाले थे तब भी श्री नायक को दरकिनार किया गया था।जो लोग महासचिव बने थे वह सिंधिया से जुड़े थे ।मगर इनकी नियुक्ति सिर्फ चुनावी झुनझुना भर बन कर रह गई थी।

कमलनाथ एवं दिग्विजय सिंह दोनो के खास माने जाने बाले वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता रमेश नायक को प्रदेश महासचिव बनाये जाने के बाद जिले के कोंग्रेसियो में खुशी है।सिंधिया के पार्टी से जाने के बाद यह सबसे बड़ी नियुक्ति मानी जा रही है।

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