
अशोकनगर, हितेंद्र बुधौलिया। कभी खुद सफाई करने में जुट जाना या कभी खंभे पर चढ़ जाना..किसी भी हद तक चले जाने के लिये चर्चित मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (Pradyumn Singh Tomar) जब अशोकनगर जिले के प्रभारी मंत्री बन कर पहली बार यहां पहुंचे तो शुरू से ही प्रशासनिक तंत्र पर नकेल कसने की मंशा जाहिर कर गये। एक दिन की यात्रा पर आये प्रभारी मंत्री ने सबसे पहले अपने ही बिजली विभाग के टेढ़े खंबे एवं टूटी लाइन पर विभागीय अधिकारियों को फटकारा। फिर देर रात जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं को देख उन्हें सुधरवाने के लिये वे गांधीगिरी पर उतर आये। दरसअल इमरजेंसी वॉर्ड की कमियों से खफा मंत्रीजी के सामने सिविल सर्जन ने जब कारण गिनाने शुरू किये तो प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अपने गले में पड़ा हार सिविल सर्जन डॉ एस एस त्रिवेदिया को पहनाते हुए ये कह दिया कि “इन सभी चीजों को लेकर मैं 21 बार जेल (jail) गया हूं।”
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प्रद्युम्न सिंह तोमर जब जिला चिकित्सालय में निरीक्षण के लिए पहुंचे तो सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में ही गए। यहां सिस्टर एवं सिविल सर्जन से आकस्मिक उपचार के लिए रखी दवाइयों के बारे में पूछा तो वो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके साथ कुछ और चीजों को लेकर भी मंत्रीजी खफा दिखे। आखिर में जब आईसीयू वार्ड में गए तो वहां एसी बंद मिला और दूसरी व्यवस्थाएं भी माकूल ना मिलने पर वो नाराज हो गए। लेकिन नाराजरी का अनोखी तरह से इजहार करते हुए वे गांधीगिरी पर आ गए और अपने गले में पड़ा हुआ हार सिविल सर्जन के गले में डाल दिया। इसी के साथ उन्होने कहा कि “मैं भी ये सब जानता हूं, इन सब मामलों में मैं 21 बार जेल गया हूं इसलिए मेरा अनुरोध है कि ये आईसीयू लगना चहिए। आईसीयू मतलब आईसीयू होता है..बस।” प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान विधायक जजपाल सिंह जज्जी की विधायक निधि से बने माधव उद्यान का लोकार्पण किया एवं बच्चों के लिए बनाए गए आईसीयू वार्ड का भी निरीक्षण किया।
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पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

