जो सिंधिया BJP के लिए रावण हुआ करते थे… अब विभीषण हो गए

जो सिंधिया BJP के लिए रावण हुआ करते थे… अब विभीषण हो गए

अशोकनगर|हितेन्द्र बुधौलिया।

गुरुवार 12 मार्च को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत समारोह में बोलते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंधिया को विभीषण की उपाधि दे दी थी।उनके इस बयान पर खूब हल्ला मचा हुआ है।

भाजपा नेताओं द्वारा कोंग्रेस से अपनी पार्टी में आये नेताओं को विभीषण कहने का यह कोई पहला अवसर नही। बड़ी दिलचस्प बात है ,कि समय का सिंधिया के करीबियों को भाजपा में शामिल करा कर उन्हें विभीषण कहा जाता था।आज वही सिंधिया जो कभी भाजपा के लिये रावण थे वही विभीषण हो गये।

फरवरी 2018 में जब अशोकनगर जिले की मुंगाबली में विधानसभा का उपचुनाव चल रहा था।तब सिंधिया के सासंद प्रतिनिधि डॉ केपी यादव की शिवराज सिंह की मौजूदगी में मुंगाबली कई एक सभा मे 1 फरवरी 2018 को तत्कालीन बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नन्दकुमार सिंह चौहान ने केपी यादव को विभीषण कहते हुये सिंधिया की लंका ठहाने की बात कही थी।
जो शिवराज सिंह चौहान अब कमलनाथ को रावण बता कर सिंधिया को विभीषण कह रहे है रहे वह भी विभीषण प्रसंग से अछूते नही रहे है।बीते लोकसभा चुनाव में केपी यादव के पक्ष में बामोरी में एक सभा को संबोधित करते हुये शिवराज सिंह चौहान ने 6 मई 2019 को केपी यादव को विभीषण कह दिया था।इस चुनाव में केपी यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को करीब सवा लाख वोटों से हरा दिया था।
कमाल की बात है उस समय सिंधिया समर्थक के पी यादव का माखोल उड़ा रहे थे ,कि उनको छोड़ कर गये तो भाजपा वालों ने उनकी हैसियत विभीषण की कर दी। आज वही लोग सिंधिया को विभीषण कहे जाने पर बड़े संकोच में है कि कहे तो क्या कहे।

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