Astrology: गहनों का ग्रहों से होता है गहरा नाता, चमका सकते हैं भाग्य, कुंडली दोष को करते हैं दूर 

astrology

Astrology: गहनों और आभूषणों का इस्तेमाल व्यक्ति अपनी सुंदरता को निखारने के लिए करता है। इनका व्यक्ति के जीवन में विशेष महत्व होता है। अंगूठी के लेकर माँगटीका तक शरीर के विभिन्न भागों के लिए अलग-अलग प्रकार के आभूषण उपलब्ध हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं गहनों और ग्रहों से खास संबंध होता है। ये कुंडली में ग्रहों की दिशा और दशा को भी प्रभावित कर सकते हैं। कंजूर ग्रह को मजबूत करके व्यक्ति का भाग्य भी चमका सकते हैं।

जीवन में ग्रहों का महत्व

सूर्य की स्थिति मजबूत होने से मान-सम्मान और उच्च पद की प्राप्ति होती है। आत्मविश्वास भी बढ़ता है। गुरु को ज्ञान, धन, संपत्ति, विवाह इत्यादि का कारक माना जाता है।  बुध ग्रह को बुद्धि, पारिवारिक जीवन, मित्र और व्यापार का कारक है। मंगल को ऊर्जा, शक्ति, पराक्रम, साहस इत्यादि के कारक हैं। शुक्र को लग्जरी, धन, सौन्दर्य इत्यादि का कारक माना जाता है। शनि को कर्म और फल का कारक और चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। वहीं राहू इच्छाओं, भ्रम और रहस्य का माना जाता है। केतु को भगवान गणेश का कारक माना जाता है।

सोने का इन ग्रहों से होता है नाता

स्वर्ण आभूषण का संबंध सूर्य, मंगल, बुध और गुरु से होता है। कुंडली में इन चार ग्रहों को शुभ करने से लिए आप सोने से गहने धारण कर सकते हैं।

चांदी का इन ग्रहों से होता है संबंध

शुक्र और चंद्रमा का चांदी से होता है। कुंडली में इन दो ग्रहों को शुभ करने के लिए चांदी को धारण करना चाहिए।

डायमंड और प्लेटिनम से होता है इस ग्रह का नाता

यदि आप कुंडली में शुक्र को मजबूत करना चाहते हैं तो हीरे के आभूषण भी धारण कर सकते हैं। इन ग्रह का संबंध प्लेटिनम से भो होता है। शुक्र को माँ लक्ष्मी का कारक भी माना जाता है।

ग्रह और आभूषणों का कनेक्शन:-

  • सूर्य को मजबूत करने से लिए सोने या माणिक्य से बने आभूषण धारण करें।
  • चंद्रमा को मजबूत करने के लिए मोती और चांदी धारण करें।
  • मंगल की शुभता के लिए स्वर्ण और मूंगा धारण कर सकते हैं।
  • कुंडली में बुध की स्थिति सुधारने के लिए कांसा, सोना या पन्ना धारण करें।
  • गुरु को सुधारने के लिए सोने के आभूषण धारण करें। पुखराज के गहने भी पहन सकते हैं।
  • शुक्र का संबंध हीरे और चांदी से होता है।
  • राहु और केतु को मजबूत करने से लिए पंचधातु से बने आभूषण धारण करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो ग्रंथों, मन्यताओं और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews