
Chandra Gochar 2024: कुंडली में चंद्रमा का विशेष स्थान होता है। चंद्र देव को सुख स्थान, माता, हृदय, मानसिक स्थिति इत्यादि का कारक माना जाता है। इनकी उच्च राशि कर्क और नीच राशि वृश्चिक है। चंद्रमा को एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में बहुत ही कम समय लगता है। 21 अगस्त को चंद्रदेव मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कारोबार और करियर में तरक्की मिलेगी। आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। आइए जानें किन-किन राशियों के लिए यह गोचर शुभ रहेगा-
मेष राशि
मेष राशि के जातकोंको आर्थिक लाभ होगा। धन-धान्य में वृद्धि के योग बनेंगे। कार्यक्षेत्र में आ रही समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। घर-परिवार में खुशहाली आएगी। कारोबार से संबंधित यात्रा के योग बन रहे हैं। प्रमोशन मिल सकता है। वैवाहिक जीवन भी सुखमय रहेगा। सेहत से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए भी चंद्रमा यह गोचर शुभ रहेगा। धन-समृद्धि में वृद्धि के योग बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध अच्छे होंगे। संतान की ओर से अच्छी खबर मिल सकती है। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए भी यह समय शुभ रहेगा। छात्रों को सफलता मिलेगी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त हो सकते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सेहत भी दुरुस्त रहेगी। सामाजिक और पारिवारिक उत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। कार्य क्षेत्र में तरक्की के योग बन रहे हैं।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों को अचानक धन की प्राप्ति होगी। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। सेहत को लाभ होगा। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात होगी। नई योजना सफल रहेगी।
(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी साझा करना है, जो पंचांग, मान्यताओं, ग्रंथों और विभिन्न माध्यमों पर आधारित है। MP Breaking News इन बातों के सत्यता और सटीकता की पुष्टि नहीं करता।)
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है।
अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →

