Chandra Grahan 2025 : 14 मार्च को साल का पहला ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं ? राशियों पर कैसा असर? जानें डेट टाइम और डिटेल्स

चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।
chandra grahan 2026

Chandra Grahan 2025: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की तरह ग्रहण का बड़ा महत्व माना जाता है। खास करके धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को महत्वपूर्ण माना गया है। साल 2025 का पहला चन्द्र ग्रहण 14 मार्च 2025 फाल्गुन मास की पूर्णिमा को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।इस दिन होलिका दहन भी होगा।

भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 09 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 29 मिनट तक चलेगा। यह पूर्ण चन्द्र ग्रहण होगा लेकिन भारत में नहीं दिखाई देंगे, इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।

भारत को छोड़कर इन देशों में दिखेगा चन्द्र ग्रहण

यह ग्रहण भारत को छोड़कर  ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग यूरोप अफ्रीका के अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका में दिखाई देगा, ऐसे में सूतककाल ग्रहण के 12 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा।

कब लगता है चन्द्र ग्रहण?

  • चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।
  • पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है।

राशियों पर कैसा रहेगा असर?

  • सिंह राशि के लिए 2025 का पहला चंद्र ग्रहण अच्छा नहीं रहेगा। आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है । इस अवधि में संभलकर रहने की जरूरत है।
  • मकर राशि वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य ,करियर और व्यवसाय के लिए अनुकूल नहीं है। मीन राशि पर भी नकारात्मक रहेगा। परिवार को लेकर चिंतित हो सकते है।
  • मिथुन, वृषभ, कर्क और कुंभ के लिए ग्रहण अच्छा फल देना वाला साबित हो सकता है।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?

  • ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
  • भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा न करें। सूर्य ग्रहण के दौरान खाना-पीना बिल्कुल न खाएं।
  • खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें।
  • ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध किया जाता है।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें घर से
    बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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