ज्योतिष में ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का बड़ा महत्व माना जाता है। हर एक ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि बदलता है, जिससे शुभ योग-संयोग बनते हैं। इसी क्रम में फरवरी अंत देव गुरु बृहस्पति और मन के कारक चंद्रमा मिलकर मिथुन राशि में गजकेसरी राजयोग बनाने जा रहे हैं।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्तमान में चंद्रमा मीन राशि में विराजमान है। 26 फरवरी 2026 (गुरुवार) को चन्द्रमा मिथुन राशि (बुध की राशि) में गोचर करेंगे, जहां पहले से ही ज्ञान, भाग्य और संतान के कारक माने जाने वाले गुरु विराजमान हैं, ऐसे में मिथुन राशि में गुरु चन्द्रमा के साथ आने से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस राजयोग को लाभकारी और बेहद शुभ माना गया है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलेगा लेकिन इसके बनने से 3 राशियों का सुनहरा समय शुरू होने वाला है ।आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…
मिथुन राशि पर प्रभाव:
- समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है।
- जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है।
- व्यापार में मुनाफे के साथ नई डील मिलने की संभावना है।
- आर्थिक स्थिति मजबूत होने के प्रबल योग हैं।
- इस अवधि में नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है।
- परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। घर का वातावरण सकारात्मक बना रह सकता है।
कन्या राशि पर प्रभाव
- गजकेसरी राजयोग से जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
- कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती है।
- इस समय रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है।
- आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि हो सकती है।
- अटके व रुके कामों को गति मिल सकती है।
- परिवार का साथ मिलेगा।
मीन राशि पर प्रभाव
- करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
- लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है ।
- आर्थिक रुप से मजबूत हो सकते हैं।
- घर-परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिल सकता है।
- संपत्ति से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है।
- आय में वृद्धि हो सकती है। नए-नए स्त्रोत मिल सकते हैं।
कब बनता है गजकेसरी राजयोग
- ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी राजयोग को बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। जब चन्द्रमा और बृहस्पति एक ही राशि में हों या एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित हों, तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है।
- अगर किसी जातक की कुंडली के लग्न, चौथे और दसवें भाव में गुरु-चन्द्र साथ हो तो इस राजयोग का निर्माण होता है। यदि चन्द्र या गुरु में से कोई भी एक दूसरे के साथ उच्च राशि में हों तो भी गजकेसरी राजयोग बनता है। इस राजयोग के बनने से जातक को धन, सम्मान, तरक्की, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिलती है।
(डिसक्लेमर : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP Breaking News किसी भी ज्योतिषीय दावे या भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)






