मुंबई: विवादों में अक्सर घिरे रहने वाले बिजनेसमैन और एक्टर राज कुंद्रा को 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन घोटाले मामले में जमानत मिल गई है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गठित विशेष अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। कुंद्रा पर क्रिप्टो घोटाले के सरगना अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन हासिल करने का आरोप है, जिनकी कीमत 150 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।
अदालत में सुनवाई के दौरान राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने कई मजबूत दलीलें पेश कीं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कुंद्रा को कभी गिरफ्तार नहीं किया था, इसलिए अब हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
जांच में सहयोग का दिया हवाला
वकील प्रशांत पाटिल ने अदालत को बताया कि राज कुंद्रा ने जांच में हमेशा पूरा सहयोग किया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 2021 से अब तक वह जांच के सिलसिले में छह बार ईडी कार्यालय जा चुके हैं। वकील ने जोर देकर कहा कि मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पहले से ही जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं। इन्हीं दलीलों को आधार मानते हुए अदालत ने कुंद्रा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 91 और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 88 के तहत यह जमानत दी है।
क्या है पूरा बिटकॉइन घोटाला मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल सितंबर में राज कुंद्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी के अनुसार, कुंद्रा को क्रिप्टो घोटाले के मुख्य आरोपी अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन मिले थे, जिनकी मौजूदा कीमत 150.47 करोड़ रुपये है। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि कुंद्रा ने जानबूझकर बिटकॉइन वॉलेट के पते जैसी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कुंद्रा ने अपराध की कमाई को छिपाने के लिए अपनी पत्नी और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के साथ बाजार से कम दर पर एक डील की, ताकि पैसे को वैध दिखाया जा सके। ईडी का मानना है कि कुंद्रा ने सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि वह इस घोटाले में सीधे तौर पर शामिल थे।
पोर्नोग्राफी केस में भी रह चुके हैं जेल में
यह पहली बार नहीं है जब राज कुंद्रा कानून के शिकंजे में फंसे हैं। इससे पहले साल 2021 में उन्हें पोर्नोग्राफी फिल्मों के निर्माण और उन्हें ऐप्स पर प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस ने उन्हें 19 जुलाई 2021 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने मुंबई की आर्थर रोड जेल में करीब 63 दिन बिताए थे। उस मामले में उन्हें 20 सितंबर 2021 को जमानत मिली थी।





