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शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात, CM योगी ने की मानदेय बढ़ाने की घोषणा, 1 अप्रैल से लागू होगी व्यवस्था

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा में राज्य के शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़े मानदेय वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले से करीब 1.43 लाख शिक्षा मित्रों और 24 हजार से अधिक अनुदेशकों को सीधा फायदा होगा, जो लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को बड़ी सौगात, CM योगी ने की मानदेय बढ़ाने की घोषणा, 1 अप्रैल से लागू होगी व्यवस्था

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों को योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में घोषणा करते हुए शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये प्रति माह करने का ऐलान किया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।

यह घोषणा उन हजारों शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ी खबर है जो काफी समय से अपने वेतन में वृद्धि के लिए संघर्ष कर रहे थे। सरकार के इस कदम को आगामी चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण फैसले के तौर पर भी देखा जा रहा है।

शिक्षा मित्रों का लंबा संघर्ष

उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्तमान में राज्य में लगभग 1 लाख 43 हजार शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। इनकी शुरुआत बसपा सुप्रीमो मायावती के शासनकाल में ट्रेनिंग के साथ हुई थी। इसके बाद, साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार ने उन्हें सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित कर दिया था, जिससे उनका वेतन बढ़कर करीब 50 हजार रुपये प्रति माह हो गया था।

हालांकि, यह फैसला कानूनी दांव-पेंच में फंस गया। आरटीई एक्ट के तहत सहायक शिक्षक के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास होना अनिवार्य था, जिसे लेकर इस नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए सहायक शिक्षकों की भर्ती को रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद सभी सहायक शिक्षक फिर से शिक्षा मित्र बन गए और उन्हें मात्र 10 हजार रुपये महीने का मानदेय मिलने लगा।

अनुदेशकों को भी मिली बड़ी राहत

सिर्फ शिक्षा मित्र ही नहीं, अनुदेशकों के मानदेय में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश के जूनियर हाई स्कूलों में 24 हजार से ज्यादा अनुदेशक संविदा पर कार्यरत हैं। उन्हें अब तक केवल 7 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था, जो आज के समय में काफी कम था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद अब इन अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रति माह मिलेंगे, जो उनके मौजूदा मानदेय से दोगुने से भी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आने की उम्मीद है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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