भोपाल: हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब देश के 39 हवाई अड्डों पर प्रतीक्षा के दौरान आप बिना किसी शुल्क के हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ उठा सकते हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने इस महत्वपूर्ण यात्री-सुविधा का शुभारंभ किया, जिसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी शामिल है।
इस नई पहल के तहत भोपाल एयरपोर्ट पर यात्रियों को अब 4 घंटे तक मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को एक सहज और निर्बाध इंटरनेट अनुभव प्रदान करने के लिए पूरे परिसर में 6 हाई-स्पीड वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट स्थापित किए हैं।
कैसे काम करेगी यह सुविधा?
एयरपोर्ट पर उपलब्ध कराई जा रही इस सेवा के माध्यम से यात्रियों को न्यूनतम 1 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड सुनिश्चित की गई है। इस गति पर यात्री आसानी से अपने कार्यालयीन कार्य निपटा सकते हैं, वीडियो कॉल कर सकते हैं या मनोरंजन के लिए ऑनलाइन कंटेंट देख सकते हैं।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। यात्रियों को अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप पर एयरपोर्ट के अधिकृत वाई-फाई नेटवर्क का चयन करना होगा। इसके बाद अपने मोबाइल नंबर के जरिए एक साधारण सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करते ही वे इंटरनेट से कनेक्ट हो जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और सहायता के लिए विशेष काउंटर
घरेलू यात्रियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए टोकन-आधारित सत्यापन की व्यवस्था की गई है, जो एयरपोर्ट पर स्थित “May I Help You” काउंटर के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
यही काउंटर यात्रियों के लिए सहायता केंद्र के रूप में भी काम करेगा। यदि किसी यात्री को वाई-फाई नेटवर्क से जुड़ने या उपयोग के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे सीधे इस काउंटर पर संपर्क कर सकते हैं।
“यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।”- रामजी अवस्थी, भोपाल एयरपोर्ट प्रबंधन
इस सुविधा के शुरू होने से भोपाल एयरपोर्ट पर यात्रियों का अनुभव और भी सुखद होने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें उड़ान से पहले अपने जरूरी ऑनलाइन काम पूरे करने होते हैं। यह कदम हवाई अड्डों को डिजिटल रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
भोपाल से रवि कुमार की रिपोर्ट





