कांग्रेस ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस डील को किसान विरोधी बताते हुए पार्टी एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने जा रही है, जिसका शंखनाद 24 फरवरी को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से होगा। भोपाल में आयोजित होने वाले इस विशाल किसान सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शिरकत करेंगे।
यह जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस ट्रेड डील को देश के किसानों के हितों पर कुठाराघात मानती है और इसके खिलाफ एक लंबी लड़ाई लड़ेगी।
एमपी से क्यों हो रही आंदोलन की शुरुआत?
कांग्रेस का मानना है कि इस ट्रेड डील का सीधा और नकारात्मक असर देशभर के किसानों पर पड़ेगा, लेकिन मध्य प्रदेश के किसान इससे विशेष रूप से प्रभावित होंगे। पार्टी के अनुसार, इस डील से प्रदेश के कपास, सोयाबीन और मक्का उत्पादक किसानों के साथ-साथ फल उत्पादकों के हितों को भी खासा नुकसान पहुंचेगा। इसी वजह से इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए मध्य प्रदेश को चुना गया है।
“किसानों के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी जिसकी शुरुआत एमपी से होगी।” — जयराम रमेश, वरिष्ठ कांग्रेस नेता
जयराम रमेश ने बताया कि पहले चरण में यह आंदोलन 6 राज्यों में किया जाएगा, जिसकी पहली कड़ी 24 फरवरी को भोपाल का किसान सम्मेलन होगा।
दिल्ली में बनी रणनीति
किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए नई दिल्ली में कांग्रेस की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी स्वयं मौजूद थे। बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हुए और प्रदेश के किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसी बैठक में आंदोलन के स्वरूप और उसकी शुरुआत भोपाल से करने का निर्णय लिया गया।






