उत्तर प्रदेश विधान परिषद् में बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल उस वक्त गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने की तारीख का ही ऐलान कर दिया। उन्होंने सदन में दावा किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव 15 मार्च 2027 को प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह बयान उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक तंज के जवाब में दिया।
यह पूरा घटनाक्रम अखिलेश यादव को मिली सुरक्षा पर एक सवाल-जवाब के दौरान हुआ। सदन में जब अखिलेश की सुरक्षा को लेकर चर्चा हो रही थी, तब केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनकी सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी, लेकिन वह पूर्व मुख्यमंत्री हैं और पूर्व मुख्यमंत्री ही रहेंगे।
कैसे शुरू हुई तारीख पर बहस?
दरअसल, विधान परिषद् में सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने अखिलेश यादव की सुरक्षा में लगे कर्मियों की सूची मांगी थी। इस पर जवाब देते हुए सदन के नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार की तरफ से पक्ष रखा। उन्होंने कहा, “सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार पूरी गंभीरता से लेती है। जिनको लेकर आप चिंतित हैं, अखिलेश यादव की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं होगा।”
इसी दौरान उन्होंने आगे कहा, “लेकिन वह पूर्व मुख्यमंत्री हैं, पूर्व मुख्यमंत्री रहेंगे।” उनके इसी बयान पर समाजवादी पार्टी के सदस्य भड़क गए और राजेंद्र चौधरी ने तुरंत इसका जवाब दिया।
“नेता सदन ने कहा कि अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री रहेंगे। मैं उनकी जानकारी के लिए बता दे रहा हूं कि 15 मार्च 2027 को अखिलेश, मुख्यमंत्री होंगे और आप पूर्व होंगे।” — राजेंद्र चौधरी, सपा नेता
अखिलेश की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं: सरकार
इस सियासी बयानबाजी से पहले केशव प्रसाद मौर्य ने सदन को अखिलेश यादव की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री को मिली Z+ श्रेणी की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोई कटौती नहीं की गई है।
मौर्य ने कहा, “अखिलेश यादव की सुरक्षा में 24 कोबरा कमांडो तैनात हैं। उनके दौरों के संबंध में समय-समय पर सभी जिलों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए जाते हैं। हमारे पूर्व मुख्यमंत्री हों या कोई भी सामान्य नागरिक, किसी की भी सुरक्षा को कोई खतरा नहीं होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को नियमानुसार Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है।






