रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं पर कुल 12 करोड़ 63 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे 13.6 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और उन्नयन होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी केंद्रों से बेहतर तरीके से जोड़ना और आवागमन को सुगम बनाना है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ग्राम बैहरसरी में 25 लाख रुपये की लागत से एक सामुदायिक भवन के निर्माण की भी घोषणा की, जिससे स्थानीय लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा।
किन सड़कों का होगा निर्माण?
भूमिपूजन कार्यक्रम के तहत तीन प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया है, जो क्षेत्र के कई गांवों के लिए जीवनरेखा साबित होंगी। इन परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:
- मेन रोड से बैहरसरी तक 8.80 किलोमीटर लंबी सड़क, जिसकी लागत 6.05 करोड़ रुपये है।
- मदनपुर से बटुराकछार तक 1.40 किलोमीटर सड़क, जिसकी लागत 2.69 करोड़ रुपये है।
- खड़ौदा से मदनपुर तक 3.40 किलोमीटर लंबी सड़क, जिस पर 3.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इन सड़कों के बनने से किसानों को अपनी उपज मंडियों तक ले जाने में सहूलियत होगी, जिससे उनकी लागत और समय दोनों की बचत होगी। इसके अलावा, विद्यार्थियों और मरीजों को क्रमशः स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों तक पहुंचने में भी आसानी होगी।
‘हर गांव का विकास सरकार का लक्ष्य’
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर गांव का विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “अच्छी सड़कें विकास की गति को तेज करती हैं। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिले ताकि वहां के लोगों का जीवन स्तर सुधरे।”
“सड़कें केवल ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं होतीं, बल्कि ये विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती हैं।”- विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ के तहत अब ग्रामीणों को 100 दिन के बजाय 125 दिनों का रोजगार देगी। साथ ही, समय पर रोजगार न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
आवास योजना और अन्य घोषणाएं
विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं। ‘आवास प्लस 2024’ सर्वे के माध्यम से छूटे हुए वास्तविक हितग्राहियों की पहचान कर ग्राम सभा में सूची प्रस्तुत की जाएगी और प्रस्ताव पारित होने के बाद उन्हें क्रमवार आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।






