रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 30 नव-नियुक्त खनिज निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के माध्यम से चयनित इन अधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खनिज प्रशासन को मजबूत करने और राजस्व वृद्धि में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा के मामले में देश के सबसे धनी राज्यों में से एक है। यहाँ लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, और लाइमस्टोन से लेकर टिन, हीरा, सोना और लिथियम जैसे बहुमूल्य खनिज मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन संसाधनों का सही तरीके से प्रबंधन और उपयोग राज्य की प्रगति के लिए आवश्यक है।
कार्यबल मजबूत होने से खनन गतिविधियों को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन नई नियुक्तियों से खनिज विभाग का मैदानी कार्यबल मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इससे न केवल खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। साय ने कहा कि प्रदेश और देश का भविष्य युवाओं पर ही निर्भर करता है और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
“खनिज निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।”- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
32 पदों पर हुई थी नियुक्ति
यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनिज निरीक्षकों की चयन सूची जारी की थी। इसके बाद, खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनिज निरीक्षकों के लिए नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इन्हीं में से 30 चयनित अधिकारियों को आज मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें राज्य के खनिज राजस्व को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।






