बिलासपुर: केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और कथित तौर पर कानून को कमजोर करने के विरोध में मंगलवार को बिलासपुर में कांग्रेस ने एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के साथ मिलकर ‘मनरेगा बचाव संग्राम’ के नाम से आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई।
नेहरू चौक पर एक सभा करने के बाद हजारों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने के लिए निकले। पुलिस ने उन्हें स्टेट बैंक ब्रांच के पास बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित प्रदर्शनकारी पहली घेराबंदी को तोड़ने में कामयाब हो गए। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। हालांकि, पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट तक नहीं पहुंच सके।
‘गांधी के नाम से डरती है सरकार’
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गांधी के नाम से डरती है, चाहे वह महात्मा गांधी हों या इंदिरा और राजीव गांधी।
“जब-जब इस देश में बीजेपी गांधी को रोकने की कोशिश करेगी, तब तक नाथूराम गोडसे की विचारधारा नहीं चलने वाली है। यह सरकार गांधी नाम से भयभीत है।”- विजय केशरवानी, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना को खत्म कर एक ‘काला कानून’ लागू करना चाहती है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को सीधा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है और इसे कमजोर करने से मजदूरों का पलायन बढ़ेगा और बेरोजगारी की समस्या गंभीर होगी।
प्रशासन ने कहा- प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा
इस पूरे घटनाक्रम पर बिलासपुर के अपर कलेक्टर शिव बनर्जी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने जैसी कोई स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। आगे की परिस्थिति के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। इस प्रदर्शन के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे आम लोगों को कुछ देर परेशानी का सामना करना पड़ा। आयोजकों ने प्रदर्शन में 2000 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया।





