रायपुर: छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने किसानों को एक बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर की राशि का भुगतान होली से पहले एकमुश्त करने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेशभर के किसानों में खुशी की लहर है।
यह भुगतान किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत लेकर आएगा, क्योंकि यह राशि त्योहारों और आगामी विवाह-शादियों के सीजन से ठीक पहले उनके खातों में पहुंचेगी। सरकार के इस कदम को अन्नदाताओं के पसीने की पूरी कीमत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सरगुजा के 52 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ
इस फैसले का सीधा लाभ प्रदेश के हर उस किसान को मिलेगा जिसने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा है। अकेले सरगुजा जिले की बात करें तो यहां के 52,553 किसानों को अंतर की राशि का लाभ मिलेगा। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिससे उनके चेहरे पर खुशी और रौनक आएगी।
इसी जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम कोसंगा के एक किसान ने सरकार के इस फैसले पर अपनी खुशी जाहिर की।
“इस साल मैंने लगभग 72 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा था, जिसका पैसा मिल गया है। अब होली से पहले अंतर की राशि मिलने की घोषणा से मैं बहुत खुश हूं। यह पैसा पारिवारिक जरूरतों और सामाजिक दायित्वों को पूरा करने में बहुत सहायक होगा।”- पहरूराम, किसान, ग्राम कोसंगा
पहरूराम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में अत्यंत सराहनीय है और इससे किसानों में उत्साह का माहौल है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस किसान-हितैषी निर्णय से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति मिलेगी। होली से पहले एक बड़ी राशि बाजार में आने से स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह कदम किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने में भी सहायक सिद्ध होगा।





