हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नगर निगम सदन में आज बजट पेश करने के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। मेयर सुरेंद्र चौहान के कार्यकाल की वैधता पर सवाल उठाते हुए भाजपा पार्षदों ने सदन में तीखी नोकझोंक की और बाद में वॉकआउट कर दिया। इस सियासी गहमागहमी के बीच मेयर ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 688 करोड़ रुपये का अधिशेष (सरप्लस) बजट पेश किया, जिसमें शहर के लिए कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया है।
मेयर के कार्यकाल पर क्यों हुआ विवाद?
बजट सत्र की शुरुआत होते ही जैसे ही मेयर सुरेंद्र चौहान अपना भाषण देने के लिए खड़े हुए, भाजपा पार्षदों ने उनके अधिकार पर सवाल उठा दिया। विपक्ष का तर्क था कि मेयर का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और सरकार ने जिस संशोधन विधेयक के जरिए इसे पांच साल किया है, उसे अभी तक राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है। भाजपा पार्षद उस सरकारी अधिसूचना की मांग कर रहे थे, जिसके तहत मेयर को कार्यकाल विस्तार दिया गया हो।
इस मुद्दे पर मेयर और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मेयर का कार्यकाल पांच साल करने के लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित कराया था, जिसे राज्यपाल ने कुछ आपत्तियों के साथ लौटा दिया था। सरकार ने हाल ही में बजट सत्र के दौरान संशोधित विधेयक को दोबारा पारित किया है, लेकिन यह अभी भी राजभवन में मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इसी कानूनी पहलू को आधार बनाकर भाजपा ने विरोध जताया और सदन से वॉकआउट करने के बाद डीसी शिमला को एक ज्ञापन भी सौंपा।
तारादेवी में बनेगा वर्ल्ड क्लास वेलनेस सेंटर
हंगामे के बावजूद मेयर सुरेंद्र चौहान ने बजट पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। सबसे बड़ा ऐलान शिमला के प्रवेश द्वार तारादेवी में 66 करोड़ रुपये की लागत से एक वर्ल्ड क्लास वेलनेस सेंटर बनाने का है। मेयर ने दावा किया कि इस सेंटर में मरीजों को फाइव स्टार स्तर की सुविधाएं और बेहतर इलाज मिलेगा।
शहर के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं
बजट में शहर के विकास और निगम की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
रियल एस्टेट और आत्मनिर्भरता: नगर निगम अब रियल एस्टेट के कारोबार में उतरेगा। निगम शहर में फ्लैट बनाकर बेचेगा, जिससे उसकी आय बढ़ेगी और वह आत्मनिर्भर बन सकेगा।
महिला और युवा केंद्रित योजनाएं: शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं के लिए सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, रिज और मॉल रोड पर शिशुओं को स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए फीडिंग रूम बनेंगे। बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार देने के लिए 26 चिन्हित जगहों पर फूड वैन आवंटित की जाएंगी।
पर्यावरण और सुविधा: शिमला के कोर एरिया में प्रदूषण और शोर को कम करने के लिए बैटरी से चलने वाले ई-कार्ट चलाए जाएंगे। इसके अलावा, हर वार्ड में पार्किंग बनाने और भरयाल में एक सोलर पैनल प्लांट लगाने की भी घोषणा की गई, जिससे निगम को सालाना 2 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। निगम के सफाई कर्मचारियों का बीमा भी करवाया जाएगा।






