हिमाचल प्रदेश की सियासत और आर्थिक भविष्य को लेकर आज दिल्ली में एक बड़ी बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत पूरी कैबिनेट कांग्रेस हाईकमान के साथ इन अहम मसलों पर मंथन करने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। बैठक का एजेंडा काफी बड़ा है, जिसमें प्रदेश के सामने खड़े आर्थिक संकट से लेकर राज्यसभा चुनाव और कैबिनेट में फेरबदल तक शामिल है।
सबसे बड़ी चिंता: राजस्व घाटा अनुदान (RDG)
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राजस्व घाटा अनुदान (RDG) का बंद होना है। इस अनुदान के रुकने से हिमाचल प्रदेश पर गंभीर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पहले ही साफ कर चुके हैं कि RDG कोई भीख नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राज्य का अधिकार है।
प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर हर स्तर पर लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, सीएम सुक्खू इस मसले को पहले केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे और अगर वहां से राहत नहीं मिली तो कानूनी रास्ता भी अख्तियार किया जा सकता है। दिल्ली में राहुल गांधी से चर्चा के बाद इस मुद्दे को लोकसभा में भी जोर-शोर से उठाने की रणनीति बन सकती है।
राज्यसभा की एक सीट, दावेदार अनेक
इस बैठक में राज्यसभा की खाली हो रही एक सीट के लिए उम्मीदवार के नाम पर भी मुहर लग सकती है। इस बार कांग्रेस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती, क्योंकि पिछली बार बहुमत होने के बावजूद बाहरी उम्मीदवार उतारने के कारण पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था, जिससे सरकार पर भी संकट आ गया था।
फिलहाल, इस दौड़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल का नाम भी चर्चा में आया, लेकिन बताया जा रहा है कि प्रदेश के अधिकतर नेता किसी बाहरी चेहरे के पक्ष में नहीं हैं। वे चाहते हैं कि इस बार हिमाचल के ही किसी नेता को राज्यसभा भेजा जाए, ताकि पिछली गलती न दोहराई जाए।
कैबिनेट में फेरबदल और विस्तार की भी तैयारी
सुक्खू कैबिनेट में भी फेरबदल और विस्तार की चर्चा जोरों पर है। कैबिनेट में मंत्री का एक पद और डिप्टी स्पीकर का पद खाली पड़ा है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में हाईकमान से चर्चा के बाद एक मौजूदा मंत्री को हटाया भी जा सकता है।
अगर कैबिनेट का विस्तार होता है तो कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं, अगर किसी मंत्री को हटाया जाता है तो ज्वालाजी से विधायक संजय रत्न और पालमपुर से आशीष बुटेल में से किसी एक की लॉटरी लग सकती है।
इन राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों के अलावा, मुख्यमंत्री सुक्खू अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने का समय मांगा है, ताकि RDG के मुद्दे को सीधे उनके समक्ष उठाया जा सके।






