कौन पहन सकता है मंगल का रत्न मूंगा? जानें इसे धारण करने का तरीका

हर व्यक्ति अपने जीवन की समस्याओं का समाधान ज्योतिष में ढूंढता है। सफलता और सुख समृद्धि पाने के लिए भी वह ज्योतिष उपाय का सहारा लेता है। चलिए आज हम आपको चमत्कारी मूंगा रत्न के बारे में बताते हैं।
Gem Astrology

Gem Astrology: हिंदू धर्म में ज्योतिष को काफी ज्यादा महत्व दिया गया है। हम जो भी काम करते हैं वह सारे ज्योतिष के आधार पर ही किए जाते हैं। बच्चों के जन्म के बाद उसके नाम से लेकर मुंडन, जनेऊ, विवाह सब कुछ ज्योतिष के नियम और मुहूर्त के मुताबिक ही होता है। हर व्रत और त्योहार पर भी ज्योतिष के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है।

जब व्यक्ति अपने जीवन में बाधाओं से मुक्ति पाना चाहता है। किसी परेशानी का सामना कर रहा होता है या फिर कोई काम सफल नहीं हो रहा होता। तो वह समस्याओं के समाधान के लिए ज्योतिष का सहारा लेता है। ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं, जो जीवन की समस्याओं का समाधान कर देते हैं।

ज्योतिष कई अलग-अलग भागों में विभाजित है, जिनमें से एक रत्न शास्त्र है। इसमें कई सारे रत्नों का उल्लेख दिया गया है जिनका संबंध ग्रहों से होता है। ये रत्न जीवन की परेशानी को दूर कर शुभ परिणाम देने का काम करते हैं। आज हम आपको ऐसे ही मूंगा रत्न के बारे में बताते हैं।

लाभकारी है मूंगा

मूंगा एक बहुत ही लाभकारी रत्न है, जिसका संबंध मंगल ग्रह से होता है। मंगल ग्रह व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा, उत्साह, साहस और पराक्रम लेकर आता है। यह कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत करता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि इसे कौन धारण कर सकता है और किस तरह से पहना जाता है।

कौन पहन सकता है मूंगा

मूंगा कौन धारण कर सकता है अगर इसकी बात करें तो जिस व्यक्ति के जन्म के समय सूर्य मेष और वृश्चिक राशि में उदित होता है, वो लोग मूंगा धारण कर सकते हैं। हालांकि, रत्न कोई भी हो पहनने से पहले ज्योतिष की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

कैसे पहनें मूंगा

  • ज्योतिष के मुताबिक अगर व्यक्ति की कुंडली में मंगल चौथे, आंठवे और 12 वें स्थान पर है तो 8 रत्ती का मूंगा धारण किया जाता है।
  • मूंगा हमेशा सोने की अंगूठी में पहनना उत्तम माना गया है।
  • इसे चंद्र मंगल के योग में चांदी में पहना जा सकता है।
  • इसे मध्य में उंगली में धारण करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं।

इन नियमों का रखें ध्यान

  • मूंगा पहनने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। ज्योतिष के मुताबिक गढ्ढेदार, धब्बे वाला, चीर चोट वाला या श्वेत छींटे वाला मूंगा दोष मुक्त होता है। इसे धारण नहीं करना चाहिए।
  • यह कभी भी 5 या 14 रत्ती का नहीं होना चाहिए।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews