Grahan Yog 2024: सितंबर में होगा सूर्य और केतु का मिलन, बनेगा दुर्लभ योग, मालामाल होगी ये 3 राशियाँ, खुलेंगे भाग्य के द्वार

सितंबर में सूर्य और केतु की युति बनने वाली है। इससे ग्रहण योग का निर्माण होगा। आइए जानें किन-किन राशियों को इससे लाभ होगा?
rajyog 2026

Grahan Yog 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, सफलता, आत्मविश्वास, मान-सम्मान, यश और उच्च पद का कारक माना जाता है। वहीं केतु को मोक्ष, तांत्रिक, आध्यात्मिक और आत्मिक विकास इत्यादि का कारक माना जाता है। दोनों ही ग्रहों की युति 16 सितंबर को कन्या राशि (Surya Ketu Yuti) में बनने वाली है। इससे ग्रहण योग का निर्माण होगा। करीब 18 वर्ष बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। किसी को लाभ तो किसी को नुकसान होगा। आइए जानें किन-किन राशियों के लिए सूर्य और केतु की युति लाभकारी सिद्ध होगा-

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के जातकों सूर्य और केतु से खूब लाभ होगा। धन-संपत्ति में वृद्धि के योग बनेंगे। नया घर या वाहन खरीद खरीदने के लिए यह समय शुभ रहेगा। कार्य क्षेत्र में तरक्की मिल सकती है। कोई बड़ी डील आपके हाथ लग सकती है। संपत्ति को लेकर कोर्ट-कचहरी में चल रहे हैं मामलों में सफलता मिल सकती है।

धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि के जातकों के लिए  ग्रहण योग शुभ रहेगा। राजनीति के क्षेत्र में लाभ होगा। इनकम बढ़ सकती है। धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। कार्य क्षेत्र में आपके काम की प्रशंसा होगी, प्रमोशन मिल सकता है।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के जातकों के लिए भी सूर्य और केतु की युति लाभकारी सिद्ध होगी। शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा। विदेश जाकर पढ़ाई करने की इच्छा पूरी होगी। सफलता के प्रबल योग बनेंगे। आध्यात्मिकता की ओर रुझान बढ़ेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews