Rajyog 2025 :अक्टूबर में ग्रहों का महागोचर होने वाला है।इस महीने शुक्र, सूर्य, बुध, मंगल और गुरू चाल बदलेंगे। इसमें सबसे खास मंगल और गुरू का गोचर होने वाला है, क्योंकि इनके चाल बदलते ही 3 राजयोग बनेंगे। वर्तमान में ज्ञान, बुद्धि, आध्यात्मिकता, भाग्य, धन, धर्म के कारक गुरु ग्रह मिथुन राशि में हैं और 18 अक्टूबर 2025 को 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और वक्री होंगे जिससे हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा। ग्रहों के सेनापति मंगल को साहस, शक्ति और ऊर्जा का कारक माना जाता है। मंगल को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामित्व प्राप्त है। मंगल मकर राशि में उच्च व कर्क में नीच राशि के होते है। वर्तमान में मंगल कन्या राशि में विराजमान है और 27 अक्टूबर 2025 को अपनी स्वराशि वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे, ऐसे में रूचक राजयोग बनेंगे।ग्रहों के राजा सूर्य आत्मा व पिता के कारक होते है।वर्तमान में सूर्य कन्या राशि में स्थित है और 17 अक्टूबर को तुला राशि में गोचर करेंगे, ऐसे में मंगल-सूर्य की युति से मंगल आदित्य राजयोग बनेगा।

अक्टूबर में 3 राजयोग का राशियों पर प्रभाव

वृश्चिक राशि पर प्रभाव : हंस महापुरुष राजयोग से आकस्मिक धनलाभ की प्राप्ति हो सकती है। नया बिजनेस शुरू करने के मौके मिलेंगे। देश- विदेश की यात्रा संभव है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।जीवन में खुशियां की दस्तक हो सकती है। भाग्य का साथ मिलेगा। धर्म-कर्म के कार्यों में रूचि बढ़ेगी। रूचक राजयोग से नौकरीपेशा को नए अवसर मिल सकते है।जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।शादीशुदा  का वैवाहिक जीवन खुशनुमा रहेगा। पार्टनरशिप के काम में लाभ मिल सकता है। कोर्ट- कचहरी के मामलों में जीत हासिल कर सकते है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिल सकती है।

मकर राशि पर प्रभाव: गुरू व मंगल गोचर और रूचक के साथ हंस राजयोग का बनना जातकों के लिए फलदायी सिद्ध हो सकता है।कार्यों में सफलता पाएंगे। समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरीपेशा को नई नौकरी के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में तालमेल बना रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते है। इलेक्ट्रोनिक्स, सोना- चांदी से कारोबार जुड़ा है तो लाभ मिल सकता है।

मिथुन राशि पर प्रभाव : मंगल गुरू का गोचर और रूचक व हंस राजयोग का बनना जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। समय- समय पर आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। नौकरी में आपका प्रभाव बढेगा।पदोन्नति के साथ वेतनवृद्धि का लाभ मिल सकता है। आर्थिक लाभ की प्राप्ति हो सकती है।लंबे समय से अटका व रूका हुआ धन वापस मिल सकता है। शादीशुदा का दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा। जीवनसाथी की तरक्की हो सकती है।पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और तरक्की के नए नए अवसर मिलेंगे।

कुंडली में कब बनता है रूचक/हंस राजयोग

  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार, रूचक पंच महापुरुष योग मंगल ग्रह द्वारा बनता है। जब जन्मकुंडली के केंद्र स्थान में मंगल अपनी उच्च राशि मकर अथवा अपनी मूल त्रिकोण राशि मेष या फिर अपनी स्वराशि वृश्चिक में विराजमान होते है, तो रुचक राजयोग का निर्माण होता है।इस राजयोग से साहस, दौलत-शौहरत में वृद्धि होती है, व्यक्ति बलशाली बनता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह राजयोग होता है, वह व्यक्ति राजाओं जैसी जिंदगी जीता है, उसको सभी भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
  • वैदिक ज्योतिष में हंस राजयोग को शुभ माना जाता है।जब किसी की कुंडली में बृहस्पति लग्न हो और यहां से चंद्रमा से पहले, चौथे, सातवें और दसवें भाव में कर्क, धनु या मीन राशि में होता हैं तो हंस राजयोग का शुभ योग बनता है। जिस भी जातक की कुंडली में बृहस्पति केंद्र भाव में होकर मूल त्रिकोण स्वगृही और उच्च राशि का होता है तो हंस राजयोग का निर्माण होता है। इस तरह के राजयोग से जातकों के जीवन में अच्छी सफलता, सुख, समृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

(Disclaimer : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP BREAKING NEWS किसी भी तरह की मान्यता-जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है।इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)