साढ़ेसाती और ढैया से बचने के लिए कैसे पहनें नीलम? जानें कौन कर सकता है धारण

रत्न शास्त्र ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसमें कुछ रत्नों का उल्लेख मिलता है जो जीवन पर गहरा असर करते हैं। चलिए आज शनि के चमत्कारी रत्न नीलम के बारे में जान लेते हैं।
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Neelam: ज्योतिष हमारे जीवन से जुड़ी एक ऐसी विद्या है, जिसमें हमारे जीवन से जुड़े हर पहलू का जिक्र मिलता है। हमारे जीवन में जो स्थिति चल रही है वह क्यों चल रही है। आने वाले समय में कैसी परिस्थितियों उत्पन्न होने वाली है। इन सब के बारे में हम ज्योतिष से आसानी से पता कर सकते हैं। जीवन की समस्याओं का समाधान भी ज्योतिष में दिया गया है।

दरअसल, कुंडली में विराजित ग्रह नक्षत्र की स्थिति में जब परिवर्तन आता है, तो यह जीवन को भी प्रभावित करते हैं। कई बार यह प्रभाव सकारात्मक होता है और कई बार नकारात्मक असर देखने को मिलता है। हालांकि, ज्योतिष में यह बताया गया है कि नकारात्मक असर को किस तरह से दूर किया जा सके।

साढ़ेसाती और ढैया के लिए नीलम (Neelam)

रत्न शास्त्र ज्योतिष के बहुत ही महत्वपूर्ण विद्या है। इसमें कुछ ऐसे रत्नों का उल्लेख दिया गया है, जिन्हें धारण कर व्यक्ति अपने ग्रहों की स्थिति को मजबूत बना सकता है। शनि ऐसा ग्रह है जो न्याय प्रिय है और व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से फल देता है। कई बार अगर शनि वक्री हो जाता है तो व्यक्ति मुश्किल परिस्थितियों का सामना करता है। अगर किसी की कुंडली में ढैया या फिर साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, तो वह नीलम धारण कर सकता है। यह एक ऐसा रत्न है, जो अशुभ परिणाम को शुभ में बदलने का काम करता है।

कौन करें धारण

हर रत्न हर राशि का व्यक्ति नहीं पहन सकता। नीलम की बात करें तो वृषभ, तुला, मिथुन, मकर और कुंभ राशि के लोगों के लिए यह शुभ माना गया है। मेष, वृषभ, वृश्चिक, धनु, कर्क, सिंह और मीन राशि के लोगों को ये नहीं पहनना चाहिए। ज्योतिष के माध्यम से कुंडली में मौजूद ग्रहों की स्थिति को देखकर ही इसे धारण करना चाहिए।

कैसे करें धारण

  • इसे सिल्वर या वाइट गोल्ड रिंग में पहनना शुभ माना गया है। सोने की अंगूठी में कभी भी नीलम ना पहनें।
  • शनिवार के दिन इसे सुबह के समय धारण करना शुभ माना गया है।
  • अगर आपको अंगूठी नहीं पहननी तो आप पेंडेंट भी धारण कर सकते हैं।
  • इसे पहनने से पहले गंगाजल और गाय के कच्चे दूध में डुबोकर रखें।
  • अच्छी तरह से साफ करने के बाद शनि मंत्र का जाप कर अभिमंत्रित करें।
  • इसके बाद पुरुष इसे दाएं हाथ की उंगली में और महिलाएं किसी भी हाथ की उंगली में पहन सकती हैं।

होंगे ये फायदे

  • जो व्यक्ति नीलम पहनता है उसके शनि ग्रह की स्थिति अच्छी रहती है।
  • इससे साढ़ेसाती और ढैया को तो दूर नहीं किया जा सकता लेकिन अशुभ प्रभाव को शुभ जरूर बनाया जा सकता है।
  • जो लोग नौकरी और कारोबार में तरक्की प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए ये उत्तम है।
  • यह लीडरशिप क्वालिटी को मजबूत बनाने का काम करता है।
  • इसे धारण करने वाले व्यक्ति की धन संपदा में वृद्धि होती है और हर कार्य में उसे भाग्य का साथ मिलता है।
  • जो नीलम धारण करता है, उसे रोग और दोष से मुक्ति की प्राप्ति होती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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