
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी (Janmashtami 2025) का त्योहार धूमधाम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन कृष्ण मंदिर में से लेकर घरों तक कृष्ण जन्मोत्सव की धूम देखने को मिलती है। इस दिन विधि विधान से व्रत भी रखा जाता है और रात को कान्हा के जन्म के बाद व्रत खोला जाता है।
देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिलती है। इसके अलावा विदेशों में भी भक्तों के बीच यह त्यौहार बहुत प्रसिद्ध है। इस दिन व्रत तो हम सभी करते हैं लेकिन अगर इससे जुड़े कुछ नियमों का पालन कर लें तो शुभ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। चलिए हम आपको बता देते हैं की जन्माष्टमी पर व्रत के समय कौन सी चीज खाना चाहिए और कौन सी नहीं।
जन्माष्टमी पर व्रत के नियम (Janmashtami 2025)
इन चीजों का करें सेवन
जन्माष्टमी के दिन जो लोग व्रत रख रहे हैं उन्हें फलाहारी चीज खानी चाहिए। यह लोग दूध, दही, कुट्टू के आटे से बनी चीजे, साबूदाना, फल का सेवन कर सकते हैं।
नमक का सेवन ना करें
जन्माष्टमी के व्रत के समय नमक का सेवन करना निषेध माना गया है। सादे नमक की जगह आप सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस दिन अनाज ग्रहण नहीं किया जाता। भोजन बना रहे हैं तो रिफाइंड या फिर शुगर का इस्तेमाल ना करें। घी गुड़ शहर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
निर्जला व्रत का नियम
अगर आप निर्जला व्रत रख रहे हैं तो आप अपनी भी नहीं पी सकते। वैसे यह व्रत बहुत कठिन होता है इसलिए सोच समझकर ही इसे करने का निर्णय लें।
इन चीजों से रहें दूर
जन्माष्टमी नहीं किसी भी व्रत के दौरान व्यक्ति को लहसुन प्याज, मदिरापान, मांसाहार जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा लौकी, मूली, चुकंदर, गाजर का सेवन भी नहीं किया जाता।
जन्मोत्सव का मुहूर्त
16 अगस्त को देश भर में धूमधाम के साथ जन्माष्टमी के पर्व की शुरुआत हो चुकी है। दिनभर व्रत करने के बाद मध्य रात्रि को कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्मोत्सव का शुभ समय रात 12:04 से 12:47 मिनिट तक है। इस समय आप कान्हा का जन्म उत्सव धूमधाम से मना सकते हैं।
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