
Ratna Shastra: ज्योतिष एक ऐसी विद्या है जिसमें व्यक्ति के जीवन से जुड़े हर पहलू का जिक्र किया गया है। इसमें ग्रह नक्षत्र की स्थिति और राशियों के मुताबिक आसानी से किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व, जीवन और भविष्य के बारे में पता किया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति का स्वभाव कैसा है वह किस तरह का करियर चुनेगा उसकी आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी वैवाहिक जीवन कैसा गुजरेगा इन सब के बारे में ज्योतिष के जरिए पता किया जा सकता।
कई बार व्यक्ति अपने जीवन में परेशानियों का सामना करता है और उसे समझ नहीं आता कि उसे क्या करना चाहिए। लेकिन ज्योतिष की महत्वपूर्ण शाखा रत्न शास्त्र में ऐसे कई रत्नों का उल्लेख दिया गया है, जिन्हें अगर सही राशि और लगन के मुताबिक धारण कर लिया जाए तो व्यक्ति के जीवन की सारी परेशानी दूर हो जाती है।
धारण करें लहसुनिया
आज हम आपको एक ऐसे रत्न के बारे में बताते हैं, जिसका संबंध केतु ग्रह से है। इसका नाम लहसुनिया है और इसे कैट्स आई के नाम से भी पहचाना जाता है। चलिए इस रत्न को धारण करने की विधि और इससे होने वाले लाभ के बारे में जानते है।
कौन कर सकता है धारण
लहसुनिया केतु ग्रह का रत्न है।यह वृषभ, तुला, मकर, कुंभ और मिथुन राशि के लोगों के लिए अच्छा होता है। जिन लोगों की कुंडली में केतु ग्रह उच्च में विराजमान है उन्हें यह धारण करना चाहिए। केतु की महादशा में भी अच्छा फल देता है। इसके साथ कभी भी माणिक्य और मोती धारण नहीं किया जाता। वहीं अगर केतु ग्रह नीच का है तो भी इसे नहीं पहनना चाहिए।
होंगे ये लाभ
- ज्योतिष के मुताबिक लहसुनिया धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है।
- केतु से जुड़ा यह रत्न व्यक्ति को बुरी नजर नहीं लगने देता है।
- जो लोग इसे धारण करते हैं उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वह धन संपत्ति की प्राप्ति करते हैं।
- यह बहुत ही लाभकारी रत्न है जो व्यक्ति को अध्यात्म और धर्म की राह पर चलने की ताकत देता है।
- यह मन को शांति देता है और व्यक्ति की स्मरण शक्ति को तेज करता है। इससे व्यक्ति का तनाव दूर हो जाता है।
ऐसे करें धारण
अगर आपको लहसुनिया धारण करना है तो यह 7 से सवा 8 रत्ती का होना चाहिए। इसे हमेशा चांदी में धारण किया जाता है। मंगलवार या शनिवार के दिन धारण करने से पहले इस गाय के कच्चे दूध और गंगाजल में डुबोकर शुद्ध कर लें, इसके बाद पहन लें।
डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।
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