जूते-चप्पल भी लाते हैं जीवन में खुशहाली और बर्बादी, शकुन शास्त्र से जानें इनसे जुड़े संकेत

जूते चप्पल हमारे दैनिक उपयोग की सबसे जरूरी चीजों में से एक है। ज्योतिष में इनका संबंध शनि से बताया गया है। चलिए आज शकुन शास्त्र में दिए गए जूते चप्पल से मिलने वाले संकेत जान लेते हैं।
Shakun Shastra

शकुन शास्त्र ज्योतिष का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। जो हमें जीवन में होने वाले शकुन और अपशकुन की जानकारी देने का काम करता है। किस वजह से अच्छा होगा और किस वजह से बुरा अगर हमें यह जानना है तो हम बहुत आसानी से शास्त्रों के माध्यम से यह पता कर सकते हैं।

यह एक ऐसी विद्या है जिसमें जीवन में होने वाली घटनाओं के जरिए यह बताया गया है कि कौन सी चीज शुभ संकेत देती है और कौन सी अशुभ संकेत का सूचक है। जूते चप्पल एक ऐसी चीज है जिनका इस्तेमाल हम सभी करते हैं। इनका संबंध शनि ग्रह से बताया जाता है। इनसे तरह-तरह की मान्यताएं भी जुड़ी हुई है। कोई इनका खोना और दान करना शुभ मानता है। वहीं इससे जुड़े कुछ अशुभ संकेत भी हैं। चलिए आज आपको इन्हीं के बारे में बताते हैं।

शनि से संबंध (Shakun Shastra)

ज्योतिष में जूते चप्पल शनि ग्रह का प्रतीक माने गए हैं। यही कारण है कि अगर यह खो जाते हैं तो कहा जाता है कि शनि उतर गया। शनि न्याय और अनुशासन का ग्रह है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के हिसाब से प्रभाव देने का काम करता है। चलिए जान लेते हैं जूते चप्पल से जुड़े संकेत हमें क्या समाचार देते हैं।

जूते चप्पल खोना

अगर आप कहीं गए हैं और आपके जूते चप्पल खो जाते हैं तो यह शनि की कृपा प्राप्त होने का संकेत है। ऐसा कहा जाता है कि जूते चप्पल ले जाकर शनिदेव और ऋण का बोझ हल्का कर देते हैं।

फटे हुए फुटवियर

कई बार लोग बहुत लंबे समय तक फटे पुराने जूते चप्पल का इस्तेमाल करते हैं। यह शनि ग्रह के कमजोर होने की निशानी है। इससे व्यक्ति को धन की कमी का सामना करना पड़ता है। उसके जीवन में आर्थिक समस्या आने लगती है और काम टलने लगते हैं।

उल्टे रखें जूते

अक्सर हमने घर में बड़े बुजुर्गों को उल्टे जूते या चप्पल को सीधा करने की बात कहते हुए देखा है। दरअसल इनका उल्टा होना नकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इससे ग्रह क्लेश और परेशानी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

दूसरे की चप्पल पहनना

कई बार लोग अपने दोस्तों की या फिर किसी दूसरे व्यक्ति की चप्पल और जूते पहन लेते हैं। यह नकारात्मक ऊर्जा के संचार का संकेत होता है। हर व्यक्ति के फुटवियर में उसकी ऊर्जा मौजूद होती है और अगर कोई दूसरा व्यक्ति उसे पहना है तो नकारात्मकता बढ़ती है। इससे शारीरिक और मानसिक समस्या होने लगती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews