हिंदू धर्म में शुक्रवार के दिन का काफी महत्व माना गया है। इस दिन को माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा कहते हैं कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत करता है उसे सुख शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। इससे माता लक्ष्मी तो प्रसन्न होती ही हैं, कुंडली में मौजूद शुक्र ग्रह को भी मजबूती मिलती है।
अगर आप चाहते हैं कि आपका जीवन आर्थिक रूप से समृद्ध रहे। आपको वैवाहिक कलह या किसी भी चीज की कमी का सामना ना करना पड़े। इसके लिए यह व्रत किसी वरदान से कम नहीं है। चलिए इस व्रत की सही विधि, पूजन सामग्री और इससे होने वाले लाभ जान लेते हैं।
सबसे पहले लें व्रत का संकल्प
धार्मिक ग्रंथो के मुताबिक शुक्रवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार को करना उत्तम होता है। मान्यताओं के मुताबिक वैभव लक्ष्मी या संतोषी माता की पूजा करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। आमतौर पर 11, 21 या 31 शुक्रवार तक व्रत किए जाते हैं।
कैसे करें पूजन
शुक्रवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद सफेद रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अब पूजा के स्थान पर माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें लाल फूल, धूप, दीप और अक्षत अर्पित करें। इसे माता को सफेद रंग की मिठाइयां खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है क्योंकि यह रंग शुक्र देव और माता लक्ष्मी दोनों को प्रिय है।
व्रत के नियम
- इस व्रत का सबसे बड़ा नियम शुद्धि होता है, जिसका विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- व्रत करने वाला व्यक्ति दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन कर सकता है।
- पुराणों के मुताबिक इस दिन खट्टी चीजों का सेवन वर्जित माना गया है। जो व्यक्ति खट्टी चीजें खाता है, उसे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
कैसे होगा उद्यापन
जितने व्रत का संकल्प लिया है वह पूरे होने के बाद अंतिम शुक्रवार को उद्यापन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक उद्यापन के दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराना और उन्हें सुहाग की सामग्री देना शुभ माना जाता है। इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक को सुख समृद्धि और ऐश्वर्य का आशीर्वाद देती हैं।
होंगे ये लाभ
- शुक्रवार का व्रत करने वाले व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलती है। ये व्रत धन आगमन के रास्ते खोल देता है।
- इससे पति पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है और आपसी कलह दूर हो जाती हैं।
- कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत करने और भौतिक सुविधाओं की प्राप्ति के लिए ये व्रत खास माना गया है।
- योग्य संतान की प्राप्ति के लिए भी ये व्रत बहुत कारगर माना गया है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।





