सर्वपितृ अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखाई देगा या नहीं? जानें ध्यान रखने हैं कौन से नियम

सूर्य ग्रहण का धार्मिक शास्त्र में काफी महत्व माना गया है। इसके सूतक काल से लेकर ग्रहण के समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Surya grahan 2025

सर्वपितृ अमावस्या पर 16 दिन के पितृ पक्ष समाप्त हो जाते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण श्रद्धा और पिंडदान किया जाता है। इस बार सर्व पितृ अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण (Surya grahan 2025) लगने जा रहा है। यह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण है। वैदिक मान्यताओं के मुताबिक सूर्य ग्रहण का व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है।

इस बार 21 सितंबर को सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाएगी। पितरों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण और पिंडदान करने के साथ आपको कुछ नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर सूतक काल के नियमों का पालन किया जाए नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सकता है। चलिए सूतक काल का समय भारत में इसका प्रभाव होगा या नहीं और कुछ जरूरी नियम जान लेते हैं।

सूर्य ग्रहण का समय (Surya grahan 2025)

सूर्य ग्रहण की शुरुआत 21 सितंबर की रात 10:59 मिनट पर होगी। इसका समापन रात 3:23 पर होगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण है जिसका असर भारत में नहीं होने वाला है।

भारत में मान्य होगा या नहीं

सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने वाला है इसलिए सूतक काल मान्य नहीं रखा गया है। इसके दूसरे दिन से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत भी हो जाएगी। बता दें कि इस ग्रहण का प्रभाव दक्षिण प्रशांत महासागर, न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में रहेगा।

ग्रहण से पहले के नियम

  • ग्रहण शुरू होने से पहले घर के मंदिर के कपाट बंद कर देना चाहिए।
  • इस दौरान भोजन का सेवन नहीं किया जाता।
  • घर में जो भोजन रखा है उसमें तुलसी के पत्ते डाल दें इसे अशुभ प्रभाव खान की चीजों पर नहीं पड़ता।
  • गर्भवती महिलाओं को इस मौके पर खासतौर पर खुद का ख्याल रखना चाहिए। इस दौरान घर से बाहर न निकले तो अच्छा होगा।
  • इस समय में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किया जाता।

ग्रहण के बाद के नियम

  • सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है इनमें से एक यह भी है कि ग्रहण खत्म होने के बाद आपको स्नान करके मंदिर और घर की सफाई करनी चाहिए।
  • गंगाजल का छिड़काव करके पूरे घर को शुद्ध करें। ऐसा करने से सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाएगा।
  • देवी देवताओं की पूजन अर्चन जरूर करें और मंदिर में कुछ चीजों का दान करें।

करें ये उपाय

अगर आप यह चाहते हैं कि सूर्य ग्रहण का अशुभ प्रभाव न पड़े तो इसके लिए सब स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें। अब आपको पेड़ परिक्रमा लगानी है। ऐसा करने से शुभ परिणाम मिलेंगे और अशुभ प्रभाव भी दूर हो जाएगा।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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