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हाथ में बंधे पवित्र कलावे को कब उतारना है शुभ? जानें क्या कहते हैं ज्योतिष नियम

Written by:Diksha Bhanupriy
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हिंदू धर्म में हर पूजन, पाठ, अनुष्ठान को लेकर नियम कायदे बताए गए हैं। हर धार्मिक काम में कलावे का इस्तेमाल जरूर किया जाता है। चलिए आज हम आपको इससे जुड़े हुए कुछ नियमों के बारे में बताते हैं।
हाथ में बंधे पवित्र कलावे को कब उतारना है शुभ? जानें क्या कहते हैं ज्योतिष नियम

Astro Rules: हिंदू धर्म में ग्रह नक्षत्र और ज्योतिष को काफी ज्यादा महत्व दिया गया है। हम जो भी काम करते हैं, उसमें ज्योतिष के नियम जरूर शामिल होते हैं। यह एक विद्या है जिसका जीवन के हर पहलू से गहरा संबंध है। जितने भी शुभ कार्य किए जाते हैं वह भी मुहूर्त और विधि से किए जाते हैं।

हम जब भी कोई पूजन, पाठ,व्रत अनुष्ठान करते हैं, तो हाथों में कलावा जरूर बांधते हैं। यह एक बहुत ही शुभ चीज है और कहा जाता है कि इसमें त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु, महेश का वास होता है। कलावा बांधने और इसे उतारने के कुछ नियम भी ज्योतिष में बताए गए हैं।

पवित्र है कलावा

कलावे का इस्तेमाल हर पूजन पाठ में इसलिए किया जाता है क्योंकि यह बहुत ही पवित्र माना गया है। इसे मौली या फिर रक्षा सूत्र के नाम से भी पहचाना जाता है। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कलावा बांधने के बाद इसे उतारने के कौन से नियम ज्योतिष में बताए गए हैं।

कलावा उतारने के नियम (Astro Rules)

ज्योतिष के मुताबिक कलावा हमेशा मंत्रोच्चार के साथ हाथों पर बांधा जाता है। अब जब हम इसे शुभ दिन पर बांधते हैं तो इसे उतारने के लिए भी शुभ समय और नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। हमें कभी भी अपने मन से कलावा उतार कर नहीं रखना चाहिए।

मंगलवार और शनिवार है शुभ

ज्योतिष में दिए गए उल्लेख के मुताबिक मंगलवार या शनिवार के दिन कलावा उतारना शुभ होता है। यह दोनों ही दिन बेहद सकारात्मक माने गए हैं इसलिए आप अपना कलावा उतार सकते हैं या इसे बदल सकते हैं।

पवित्र स्थान पर करें अर्पित

कलावा उतारने के बाद इसे कभी भी इधर-उधर नहीं रखना चाहिए। इसे नदी, तुलसी का पौधा, पीपल के पेड़ जैसे पवित्र स्थान पर अर्पित करना अच्छा माना गया है। कुछ लोग इसे पूजा के स्थान पर रखते हैं और कुछ घर की छत या दरवाजे पर बांध देते हैं। यह सुरक्षा की दृष्टि से किया जाता है।

जरूर करें ये काम

जब आप शुभ दिन और समय पर अपना कलावा उतारें तो पहले इसे प्रणाम करना ना भूलें। दरअसल यह एक पवित्र धागा है, जिसे हम रक्षा सूत्र कहते हैं। इसके लिए हमें ईश्वर के प्रति कृतज्ञता जरुर व्यक्त करनी चाहिए।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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