बालाघाट शहर के भटेरा रेलवे फाटक पर बन रहा ओवरब्रिज इन दिनों स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के चलते मुख्य सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसकी वजह से सड़क पर रोज घंटों लंबा जाम लग रहा है। वहीं संकरे रास्ते से बड़े-छोटे वाहनों की आवाजाही और सड़क पर फैले मलबे के कारण हादसों का खतरा भी काफी बढ़ गया है।

रोज-रोज की इस मुसीबत से तंग आकर परेशान लोगों ने शुक्रवार को सड़क पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक अनुभा मुंजारे अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पूरे निर्माण स्थल का जायजा लिया और लोगों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद विधायक ने सेतु निर्माण विभाग और नगरपालिका के अफसरों को दो दिन के भीतर व्यवस्था सुधारने की सख्त चेतावनी दी है।

एक ही संकरे रास्ते से गुजर रहे छोटे-बड़े वाहन

दरासल, बालाघाट-लामता-नैनपुर मार्ग पर भटेरा रेलवे फाटक के पास सेंट मैरी स्कूल से अवंती चौक तक ओवरब्रिज का काम चल रहा है। फिलहाल सेंट मैरी स्कूल की तरफ काम चलने से रास्ता एक तरफ से बंद है। अब इसी एक ही पतली सड़क से कार, बाइक के साथ-साथ भारी बसें और ट्रक भी गुजर रहे हैं। दिनभर गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही हैं और हमेशा किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है।

सड़क पर मलबा और उड़ती धूल से लोग बेहाल

निर्माण काम के दौरान तोड़े गए मकानों और खुदाई से निकला मलबा पूरी सड़क पर बिखरा पड़ा हुआ है। इससे दिनभर धूल उड़ती रहती है और गिट्टी की वजह से गाड़ियां फिसल रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। कई बार तो मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस और मासूम बच्चों की स्कूल वैन भी घंटों जाम में फंस जाती हैं।

डायवर्सन और अस्थायी बस स्टैंड पर भी उठे सवाल

वार्ड नंबर-2 के पार्षद कारो लिल्हारे ने बताया कि गाड़ियों के लिए बनाए गए वैकल्पिक रास्ते बहुत संकरे और कच्चे हैं। सही दिशा बताने वाले बोर्ड न होने से बाहर से आने वाले चालकों को रास्ता समझ नहीं आता। इसके अलावा ग्राम भटेरा में बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड पर न तो बैठने के लिए शेड है और न ही पीने का पानी। यात्रियों को उड़ती धूल के बीच ही बस का इंतजार करना पड़ता है।

दो दिन में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

मौके पर पहुंचीं विधायक अनुभा मुंजारे ने अफसरों को डायवर्सन रास्ता तुरंत दुरुस्त करने भारी वाहनों की शहर में एंट्री रोकने और धूल दबाने के लिए रोजाना पानी छिड़कने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि विकास के काम होने चाहिए, लेकिन इसकी कीमत आम जनता को परेशानी उठाकर नहीं चुकानी पड़ेगी। अगर दो दिनों में व्यवस्था नहीं सुधरी तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।