बालाघाट जिले में ‘सात दिन में रकम दोगुनी’ करने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। थाना ग्रामीण (नवेगांव) पुलिस ने इस बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने एक मोबाइल ऐप के जरिए करोड़ों रुपये हड़पने का जाल बिछा रखा था। पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कोसमी निवासी अवधेश तारन की शिकायत पर इस बड़े धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई की गई। अवधेश ने अपनी शिकायत में बताया था कि ग्राम कोसमी के ही प्रिंस पिछोडे नामक व्यक्ति ने उन्हें एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से मात्र सात दिनों में निवेश की गई रकम को दोगुना करने का सब्जबाग दिखाया। इस आकर्षक झांसे में आकर फरियादी और उसके परिवार ने अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दी। आरोपी ने विश्वास में लेकर फरियादी अवधेश की पत्नी से लगभग छह लाख रुपये के सोने के जेवरात और परिवार के अन्य सदस्यों से बड़ी नकद राशि ऐंठ ली। कुल मिलाकर, आरोपियों ने अवधेश और उनके परिवार से करीब 17 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया। निवेश के बदले आरोपी ने दोगुनी राशि के चेक भी दिए थे, ताकि पीड़ितों का विश्वास बना रहे, लेकिन जब भुगतान का समय आया, तो चेक बाउंस हो गए और आरोपी फरार हो गया।
मोबाइल ऐप से चलता था निवेश का खेल, पूछताछ में खुलासा
शिकायत दर्ज होने के बाद थाना ग्रामीण (नवेगांव) पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 235/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2) और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 की धारा 21(1), 21(2) व 21(3) के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रिंस पिछोडे को हिरासत में लिया। गहन पूछताछ में प्रिंस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया। प्रिंस ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार, जो कायदी निवासी है, भी इस धोखाधड़ी के नेटवर्क में सक्रिय रूप से शामिल था। वह भी इसी मोबाइल ऐप के जरिए लोगों से निवेश कराता था और पूरे गिरोह में उसकी अहम भूमिका थी। आरोपी प्रिंस की निशानदेही पर पुलिस ने उसके रिश्तेदार को भी तत्काल गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा प्रिंस पिछोडे ने सोने की खरीद में इस्तेमाल किया था। उसने लगभग 200 ग्राम सोना इस धोखाधड़ी की राशि से खरीदा था।
पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
दोनों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे माननीय न्यायालय बालाघाट में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और आगे की जांच के लिए दोनों आरोपियों की एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी गई पूरी रकम की बरामदगी, खरीदे गए सोने की जानकारी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने अन्य लोगों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस यह पता लगाने का भी प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और इसका दायरा कितना बड़ा है। मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस जल्द ही इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का दावा कर रही है।






