दंपत्ति की मौत से सनसनी, पत्नी की हत्या के बाद पति द्वारा खुदकुशी की आशंका

दंपत्ति की मौत से सनसनी, पत्नी की हत्या के बाद पति द्वारा खुदकुशी की आशंका

बालाघाट/सुनील कोरे

बिरसा थाना अंतर्गत मरारीटोला में एक घर से दंपत्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। बताया जाता है कि गुरूवार दोपहर से दंपत्ति को घर से बाहर नहीं देखा गया और आज सुबह घर से बदबू आने के बाद पड़ोसियो ने इसकी सूचना बाकीकुड़ा में रहने वाले उनके बेटे को दी। जब पुत्र रामकिशोर चौधरी घर पहुंचा और दरवाजा खोलकर देखा तो उसकी सौतेली मां 55 वर्षीय नाबाई चौधरी का शव घर के पहले कमरे में पड़ा था। जबकि घर के तीसरे कमरे में पिता लोकराम चौधरी का शव फांसी पर लटका हुआ था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट मुख्यालय से एफएसएल टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया। जहा एफएसएल टीम के एएसआई मनोज तरवरे एवं पुलिस फोटोग्राफर लोकेश चौकसे द्वारा मौके पर पहंुचकर घटना स्थल एवं आस पास का बारीकी से निरीक्षण किया गया एवं फोटोग्राफ्स लिये गये। बताया जाता है कि पति पत्नी दोनों ही शराब पीते थे। जिससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि शराब के नशे में पारिवारिक विवाद में पति ने पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी, जिसके बाद उसने भी फांसी लगाकर जान दे दी। बहरहाल घटना की जानकारी मिलने के बाद बिरसा पुलिस घटनास्थल पहुंची और पंचनामा कार्यवाही के बाद पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले में बिरसा थाना प्रभारी रविकांत डहेरिया ने बताया कि प्रथमदृष्टया पारिवारिक विवाद में पति द्वारा पत्नी की हत्या कर स्वयं फांसी लगाने का मामला प्रतीत होता है। मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है।

घटनाक्रम के अनुसार मलाजखंड ताम्र परियोजना में ठेकेदार के अंतर्गत लोकराम चौधरी काम करता था। नाबाई उसकी दूसरी पत्नी थी जिससे 10 साल पहले लोकराम ने विवाह किया था। जिसके बाद से पति लोकराम, पत्नी नाबाई के साथ बिरसा के मरारीटोला में रहता था। जबकि उसकी पहली पत्नी के बच्चे बाकीकुड़ा में रहते थे। पुत्र रामकिशोर की मानें तो पिता बीते मंगलवार को बाकीकुड़ा से मरारीटोला गये थे। जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें पड़ोसियो से सूचना मिली कि पिता के घर का दरवाजा बंद है। जिसके बाद अपने छोटे भाई लक्ष्मण चौधरी के साथ मरारीटोला घर आया तो घर का दरवाजा बंद था। जिसके बाद घर का दरवाजा तोड़कर देखे तो मौसी मां सामने वाले कमरे में जमीन में पड़ी थी। जिसकी मौत हो गई थी और घर के तीसरे कमरे में पिता गमछे गर्दन पर बांधकर फांसी पर लटके थे। जिनकी भी मौत हो गई थी। मेरे जीजा राजकुमार मरठे ने बताया कि बीते 21 मई की दोपहर से घर का दरवाजा बंद था।

इनका कहना है
पुलिस को सूचना मिली थी कि मरारीटोला में एक घर में पति, पत्नी का शव पड़ा है। जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर देखा तो महिला का शव सामने वाले कमरे जमीन पर पड़ा था और घर के तीसरे कमरे में मृतक का शव फांसी पर लटका था। मामले में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है। प्रथम दृष्टया घटना पारिवारिक विवाद के चलते होना प्रतीत होती है। बहरहाल मृतकों की पीएम रिपोर्ट और विवेचना के बाद ही पता चल पायेगा कि मौत की वास्तविक वजह क्या है। मामले की विवेचना जारी है।
रविकांत डहेरिया, थाना प्रभारी, बिरसा

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews