कुएं में कूदने से पहले लगाया दर्दभरा स्टेटस, फिर पिता ने दो मासूम बच्चों संग दे दी जान

कटंगी के लाखीटोला गांव में दिल दहला देने वाली घटना ने सबको झकझोर दिया। व्हाट्सएप स्टेटस देखकर परिजन घबरा गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पिता अपने दो छोटे बच्चों के साथ कुएं में कूद गया।
कुएं में कूदने से पहले लगाया दर्दभरा स्टेटस, फिर पिता ने दो मासूम बच्चों संग दे दी जान

दो मासूम बच्चों की हंसी से गूंजने वाला घर अचानक मातम में बदल गया। गांव के लोग अब भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पिता ने अपने ही बच्चों को साथ लेकर मौत को गले लगा लिया। बालाघाट कटंगी थाना क्षेत्र के लाखीटोला गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। जिसने भी यह खबर सुनी, उसकी आंखें नम हो गईं। सबसे ज्यादा लोगों को उस व्हाट्सएप स्टेटस ने झकझोर दिया, जिसे पढ़ने के बाद परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हो गया था।

मंगलवार रात तक परिवार और गांव के लोग यही सोचते रहे कि श्याम नागेन्द्र अपने बच्चों को लेकर शादी समारोह में गया होगा। लेकिन अगले दिन जब गांव के पुराने कुएं में तीन शव मिले, तो हर कोई सन्न रह गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे की असली वजह जानने की कोशिश की जा रही है। कटंगी की यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कटंगी के लाखीटोला गांव में क्या हुआ?

कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम जराहमोहगांव अंतर्गत लाखीटोला में रहने वाले 40 वर्षीय श्याम नागेन्द्र ने अपने दो बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि श्याम ने पहले अपने बेटे वंश नागेन्द्र और बेटी भूरि नागेन्द्र को रस्सी से बांधा और फिर कुएं में छलांग लगा दी। बुधवार सुबह गांव के पटबर्रा मैदान में स्थित पुराने कुएं में तीनों के शव दिखाई दिए।

गांव वालों ने जब कुएं में शव देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग यही चर्चा कर रहे हैं कि आखिर एक पिता इतना बड़ा कदम उठाने के लिए कैसे मजबूर हो गया।

व्हाट्सएप स्टेटस ने बढ़ाई चिंता

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस व्हाट्सएप स्टेटस की हो रही है, जिसे श्याम नागेन्द्र ने घटना से पहले लगाया था। स्टेटस में लिखा था “नहीं है जिंदा रहने की आरजू, नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता।”

जब गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने यह स्टेटस देखा तो उन्हें कुछ गलत होने का अंदेशा हुआ। इसके बाद परिवार वालों ने श्याम को तलाशना शुरू किया। पुलिस को भी सूचना दी गई। रातभर गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन होती रही, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

निजी कंपनी में काम करता था श्याम नागेन्द्र

जानकारी के मुताबिक श्याम नागेन्द्र पहले एक निजी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करता था। बाद में वह एलआईसी एजेंट का काम करने लगा था। गांव के लोग बताते हैं कि श्याम सामान्य स्वभाव का व्यक्ति था और लोगों से अच्छी तरह मिलता-जुलता था।

हालांकि पिछले कुछ समय से वह थोड़ा परेशान दिखाई देता था। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक और मानसिक तनाव की वजह से वह काफी चुप रहने लगा था। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

शादी समारोह के कारण देर से हुआ शक

मंगलवार को गांव में दो जगह शादी समारोह थे। इसी वजह से घर वालों को लगा कि श्याम अपने बच्चों को लेकर किसी शादी में गया होगा। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों को चिंता होने लगी।

इसी बीच व्हाट्सएप स्टेटस सामने आया। इसके बाद गांव के लोगों ने खोजबीन शुरू की। लेकिन अंधेरा होने की वजह से कोई सफलता नहीं मिली। सुबह जब कुएं में शव मिले तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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