दर्दनाक हादसा: तालाब में डूब रही महिला को बचाने दो युवक भी कूदे, तीनों की मौत

दर्दनाक हादसा: तालाब में डूब रही महिला को बचाने दो युवक भी कूदे, तीनों की मौत

बालाघाट, सुनील कोरे| Balaghat News जिले के कटंगी थाना अंतर्गत खमरिया के आवासटोला में सुबह-सुबह दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित दो युवकों की तालाब में डूबने से (Drowned In Pond) मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है।

बताया जाता है कि आवासटोला निवासी 55 वर्षीय फूलाबाई पति स्व. नान्हूलाल उइके आज सुबह तालाब की ओर गई थी, जहां अचानक वह अनियंत्रित होकर तालाब में गिर पड़ी और डूबने लगी। जिसे तालाब में डूबता देख उसे बचाने 25 वर्षीय रविन्द्र पिता जोहरीलाल उईके और 23 वर्षीय भक्त प्रहलाद पिता जयसिंह सिरसाम ने तालाब में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी गहरे तालाब में डूबने लगे। जैसे ही गांव के लोगों को खबर मिली, वह रस्सी लेकर बचाने तालाब पहुंचे लेकिन तब तक तीनो गहरे पानी में डूब गये थे। जिसकी जानकारी फिर ग्रामीणों ने कटंगी पुलिस को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही कटंगी थाना प्रभारी श्रीनाथ झरवड़े और हमराह स्टॉफ घटनास्थल पहुंचा, जहां तैराकों की मदद से महिला और युवकों का शव बाहर निकाला गया। जिसके बाद शव बरामद कर पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पीएम के लिए कटंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिजवाया गया। बताया जाता है कि दोनो युवक महिला के रिश्तेदार थे, जिन्होंने महिला को तालाब में डूबते हुए देखने के बाद तालाब में उसे बचाने कूद गये थे।

थाना प्रभारी श्रीनाथ झरवड़े ने बताया कि तालाब में डूब रही फूलाबाई को बचाने दो युवक तालाब में कूदे थे। हालांकि तीनों की डूबने से मौत हो गई। सभी मृतकों के शव बरामद कर लिये गये है। मामले में पृथक-पृथक मर्ग कायम कर जांच में लिया गया है। मामले की विवेचना और पीएम रिपोर्ट (PM Report) के बाद ही मौत की वास्तविकता और कारणों का पता चल पायेगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews