नक्सलियों की विचारधारा काल्पनिक, नहीं होंगे मंसूबे पूरे-आईजी व्यंकटेश्वरराव

नक्सलियों की विचारधारा काल्पनिक, नहीं होंगे मंसूबे पूरे-आईजी व्यंकटेश्वरराव

बालाघाट, सुनील कोरे| शौर्य के साथ शहादत की गाथा गढ़ने वाले शहीद हुए पुलिस और सुरक्षाबलों के 264 जवानों को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर बालाघाट पुलिस लाईन स्थित शहीद स्मारक पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक, शहीदों के परिजनों और पत्रकारों ने श्रद्वाजंलि दी।

पुलिस लाईन के शहीद स्मारक में आयोजित राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलिस महानिरीक्षक व्यंकटेश्वरराव ने वर्ष 2020 में देश के विभिन्न स्थानों पर देश की सेवा करते हुए शहीद हुए पुलिस के 264 जवानों की सूची का वाचन किया। सूची के वाचन के पश्चात अतिथियों, अधिकारियों एवं शहीदों के परिजनों ने अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रृद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में खास बात यह रही कि पूरा कार्यक्रम कोविड-19 नियमों के तहत सोशल डिस्टेसिंग और मॉस्क नियमों का पालन करते हुए किया गया। इस दौरान आयोजित की गई विशेष परेड में जवान मॉस्क पहने और सोशल डिस्टेसिंग में परेड की।

21 अक्टूबर को पुलिस लाईन में आयोजित राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रधान श्रीमती रेखा बिसेन, पूर्व सांसद बोधसिंह भगत, बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के.पी. व्यंकटेश्वरराव, पुलिस उप महानिरीक्षक अनुराग शर्मा, कलेक्टर दीपक आर्य, पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी, सांसद प्रतिनिधि अरूण रहांगडाले, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रमेश रंगलानी, ऋषभ वैद्य, गुलशन भटिया, अन्य गणमान्य नागरिक, पत्रकार, पुलिस के जवान एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। श्रद्वाजंलि उपरांत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शौर्य के साथ शहादत देने वाले शहीदों के परिजनों का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक के.पी. व्यंकटेश्वरराव ने प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पूरे भारतवर्ष में शहीद पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों का पुण्यस्मरण करने के लिए मनाया जाता है। चूंकि बालाघाट क्षेत्र नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, जहां कई पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाबलों के जवानों ने आंतरिक मोर्चे में शौर्य का परिचय देते हुए असंवैधानिक मंशा पर कार्य करने वाले नक्सलियों का सामना करते हुए अपनी शहादत दी है, जो हमेशा याद रखी जायेगी। उन्होंने कहा कि बालाघाट जोन अंतर्गत मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में नक्सली को उनके मंसुबो पर कामयाब नहीं होने दिया जायेगा। नक्सली काल्पनिक विचारधारा में जी रहे है, उनकी मंशा असंवैधानिक है, जो विकास नहीं होना देना चाहते है, आजादी के बाद भी जिले के कई जगह पर उनके द्वारा सड़को का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिले के लड़के, लड़कियों को प्रभावित करने में लगे है, जिसको लेकर पुलिस, रणनीति तैयार कर रही है, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सड़को के निर्माण को लेकर जिला प्रशासन के साथ बनाई जा रही है, वहीं नक्सलियों के बहकावे में आ रहे लड़के, लड़कियों को राष्ट्र निर्माण के लिए मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत सामुदायिक पुलिसिंग और ऑपरेशन भरोसा के तहत युवक, युवतियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए सुविधायें उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि नक्सली गतिविधियों को रोकने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद जवानों और आम लोगों के नाम से शालाओं के नामकरण को लेकर कार्यवाही प्रक्रिया में है।

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