एरियर की राशि देखकर बिगड़ी लेखापाल की नीयत, शिक्षक से मांगी रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

शिक्षक को एरियर की राशि 1,33,805 रुपये शासन से मिलना थी जिसे संकुल केंद्र के लेखापाल को रिलीज करना थी लेकिन इतनी बड़ी राशि देखकर उसकी नीयत बिगड़ गई और कहा कि जब तक 5 प्रतिशत की रिश्वत नहीं दोगे राशि रिलीज नहीं होगी ।
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Barwani News: लोकायुक्त पुलिस लगातार भ्रष्ट शासकीय सेवकों पर कार्रवाई कर रही है, आज सोमवार को लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक शिकायती आवेदन की जाँच के बाद बड़वानी के एक स्कूल में पदस्थ लेखापाल को शिक्षक से रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।

जानकारी के मुताबिक शासकीय विद्यालय मोरीपुरा, संकुल केन्द्र मदरानिया, विकासखण्ड ठीकरी जिला बड़वानी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक संजय वर्मा ने एक शिकायती आवेदन लोकायुक्त एसपी इंदौर कार्यालय में दिया था जिसमें संकुल केंद्र में पादस्थ अतिथि शिक्षक/प्रभारी लेखापाल पर रिश्वत मांगे जाने के आरोप थे।

1,33,805 रुपये एरियर भुगतान करने मांगी 5 प्रतिशत रिश्वत 

संजय वर्मा ने शिकायत में कहा मेरा 18 जनवरी 2020 से अक्टूबर 2024 तक की वेतन विसंगति के अन्तर राशि का एरियर 1,33,805 रुपये का भुगतान होना था। एरियर राशि का भुगतान करवाने के लिये वो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मदरानिया जिला बड़वानी में पदस्थ अतिथि शिक्षक/प्रभारी लेखापाल हीरालाल गुप्ता से मिला तो उन्होंने एरियर राशि का भुगतान कराये जाने के एवज में 5 प्रतिशत राशि के हिसाब से 6,600 रुपये रिश्वत राशि की मांग की है।

रिश्वत की राशि हाथ में आते ही लोकायुक्त पुलिस ने दबोचा 

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने इसका सत्यापन कराया और पुष्टि होने के बाद ट्रैप प्लान की, एसपी के निर्देश पर आज 28 अप्रैल 2025 को ट्रैप दल का गठन किया गया, टीम ने प्लानिंग कर आरोपी अतिथि शिक्षक/प्रभारी लेखापाल हीरालाल गुप्ता को शा. उ.मा.वि. मदरानिया के मेनगेट पर आवेदक शिक्षक संजय वर्मा से 6,600 रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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