महिला मित्र निकली एडीजे और उनके बेटे की कातिल, पूरे परिवार को मारने की थी साजिश

महिला मित्र निकली एडीजे और उनके बेटे की कातिल, पूरे परिवार को मारने की थी साजिश

बैतूल /वाजिद खान| मध्य प्रदेश के बैतूल में चर्चित एडीजे और उनके बेटे की संदिग्ध मौत के मामले में आज बैतूल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया हैं। एडीजे को मारने वाला कोई और नहीं उनकी महिला मित्र है।दरअसल, महिला मित्र पूरे परिवार को मारना चाहती थी,जिसके चलते उसने तंत्रमंत्र के नाम पर जहसीला आटा दिया था। किस्मत से एडीजे की पत्नी और छोटा बेटा इस घटना से बच गए।

वहीं बैतूल एसपी सिमाला प्रसाद ने मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि  26 जुलाई की बात है  एडीजे महेंद्र कुमार त्रिपाठी बैतूल में पदस्थ थे। एडीजे की अचानक सस्पेक्टेड पाइजन से मौत हुई और उनके बेटे अभियान राज त्रिपाठी की भी सस्पेक्टेड पाइजन से मौत हुई है।

विवेचना के दौरान पता चला की एक परिचित महिला है जिसका नाम संध्या सिंह, जो छिंदवाड़ा की रहने वाली है और वो वहां एक एनजीओ का काम करती है । दस साल से इनका परिचय था लंबे समय से मिलना जुलना भी था। संध्या सिंह के द्वारा एडीजे को बताया गया था कि कुछ ऐसा तंत्र कर सकते हैं जिसके कारण उनके परिवार में कलह क्लेश चल रहा है और उनकी लगातार तबीयत खराब रह रही है ,उसमें काफी सुधार आ जाएगा।

इन्हीं सब बातों को लेकर एडीजे को भरोसे में लिया कि आटा आप अपने घर से लेकर आएं और एक बाबा को जिसको संध्या सिंह जानती है, उसके थ्रु तंत्र मंत्र किया जाएगा और वह आटा तंत्र मंत्र कर घर में वापस पहुंच जाएगा तो उससे पारिवारिक शांति बनी रहेगी और उनके स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा ।

इसी परिपेक्ष में एडीजे घर से आटा लेकर आये और इसको दे दिया।  20 जुलाई को संध्या सिंह अपनी कार से बैतूल आई और उसके साथ उसका ड्रायवर संजू और कमल भी साथ थे। योजना के तहत एक पन्नी में आटा वापस लाया गया। बैतूल सर्किट हाउस में जज महेंद्र त्रिपाठी और संध्या सिंह की एकांत में कार के अंदर दस मिनिट चर्चा हुई । इस दौरान जज को पूजा वाला जहरीला आटा कष्टों के निवारण हेतु दिया गया । जज ने घर जाकर ये रोटी बनने वाले आटे में मिलवा दिया जिससे बनी रोटियों का सेवन करते ही एडीजे और उनके दोनों बेटों की हालत बिगड़ गई ।

दो-तीन दिन में उनकी बहुत ज्यादा तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते एडीजे की 26 जुलाई की सुबह और उनके की 25 जुलाई की शाम बड़े बेटे की मृत्यु हो गई थी। हालांकि उनके छोटे आशीष राज त्रिपाठी को सिर्फ उल्टियां हुई और उसके बाद उनकी तबियत ठीक हो गई । चुकी उनकी पत्नी ने यह कह कर रोटी नही खाई की वे तंत्र मंत्र नही मानती और उन्होंने सिर्फ चावल खाया जिससे वे भी बच गई ।

विवेचना में पता चला कि संध्या सिंह स्वम् बैतूल आई और उसने एडीजे को आटा दिया जिसकी जानकारी पुलिस को मिली । संध्या सिंह का और एडीजे के बीच कुछ दिनों से विवाद हो गया था और उनके बीच लेन-देन भी था और एडीजी महेंद्र त्रिपाठी अपना पैसा वापस मांग रहे थे । यह भी बात सामने आई है कि एडीजे महेंद्र त्रिपाठी का परिवार बैतूल आ गया था जिससे चार माह से संध्या सिंह उनसे मिल नही पा रही थी जिसके कारण भी उसने यह साजिश रची । जिसको लेकर संध्या सिंह ने अपने साथियों के साथ मिल कर हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ के हत्या और साजिश का मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है । गिरफ्तार आरोपियों में संध्या सिंह , उसका ड्रायवर संजू चंद्रवंशी , फूफा देवी लाल चंद्र वंशी ,मुवीन खान ,कमल गरीबा और तांत्रिक बाबा रामदयाल शामिल है । पुलिस अभी और भी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है जिसमे आरोपी बढ़ से सकते है ।

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