सामाजिक बुराई को दूर करने का नया तरीका, ब्लू गैंग द्वारा शराब धरपकड़ की अनोखी कहानी

सामाजिक बुराई को दूर करने का नया तरीका, ब्लू गैंग द्वारा शराब धरपकड़ की अनोखी कहानी

बैतूल,वाजिद खान| ब्लू गैंग बैतूल द्वारा चिखलार में दबिश दी गयी जहाँ एक महिला रोशनी पति राजेश धुर्वे अपने घर के बाहर प्लास्टिक केन में कच्ची महुआ शराब कब्जे में रखे हुए बेच रही थी। ब्लू गैंग की महिलाओं एवं संगवारी कोतवाली महिला आरक्षक बसंती शेषकर व लक्ष्मी ठाकुर, चंद्रकान्ता द्वारा कब्जा पुलिस लिया गया तथा जुर्म आबकारी एक्ट के होने से मौके पर ही धारा 34(1) कायम किया गया तथा मुचलके पर छोड़ने के लिए ब्लू गैंग द्वारा शर्त रखी गयी कि यदि वो वृक्षारोपण कर शराब न बनने और न बेचने का संकल्प ले तो मौके पर ही छोड़ देंगे।

आरोपी महिला ने अपने घर के सामने गुलमोहर का एक पौधा महिला द्वारा रोपित किया गया। आरोपी महिला ने पौधा रोपते हुए संकल्प लिया कि मैं दोबारा शराब नहीं बनाउंगी और न ही बेचूँगी तथा पौधे की सेवा करूंगी। ब्लू गैंग द्वारा दुकान के बाहर एक पर्चा लगाया गया जिसमें लिखा था शराब मांगकर शर्मिंदा न करें..और यदि परिवार से करते हैं प्यार- नशे का करें बहिष्कार।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews