नकली सोने के 7 किलो बिस्किट व 10 किलो गिन्नी के साथ धराये 5 आरोपी

नकली सोने के 7 किलो बिस्किट व 10 किलो गिन्नी के साथ धराये 5 आरोपी

बैतूल, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के बैतूल (betul( में ताजा मामला सामने आया है जहाँ शुद्ध सोने के बिस्किट व गिन्नी दिखाकर लोगों को नकली सोने  के  बिस्किट और गिन्नी बेचने वाले गिरोह का पुलिस (police) ने पर्दाफाश किया है  ठगी का शिकार हुए छिंदवाड़ा के एक युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की और पारधी ढाने के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है | आरोपियों के पास से 10 किलो नकली सोने की गिन्नी और 7 किलो नकली सोने के बिस्किट 10 असली सोने की गिन्नी सहित औजार बरामद किए है| गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है जिसे बैतूल पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है|

पुलिस कंट्रोल रूम में नकली सोने को असली बताकर लोगो को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक सीमाला प्रसाद ने बताया कि छिंदवाड़ा निवासी अभिषेक पारधे ने साईंखेड़ा पुलिस को शिकायत की थी की उसे इस गिरोह ने 5 लाख रुपये में एक किलो सोना बेचा था जो कि नकली निकला तब फरियादी ने पुलिस में शिकायत की | शिकायत के बाद से साईंखेड़ा पुलिस और बैतूल एसडीओपी की टीम जांच में जुटी और गिरोह को गिरोह के  4 सदस्यों  को गिरफ्तार किया |

जमीन में गड़ा हुआ पुराना धन बताकर कम पैसों में बेचते थे नकली सोना

गिरोह के सदस्य गांव के भोले भाले लोगों को यह बताते थे कि उनके पास जमीन में गड़ा हुआ पुराना धन है जिसमे सोने की गिन्नियां व बिस्किट है उन्हें बेचना है और एक असली सोने की गिन्नी दे देते थे उसके बाद जब बड़ा सौदा करना होता था तब सुनसान इलाके में बुलाते थे और प्लास्टिक में नकली सोने की बिस्किट व गिन्नियां पैक कर दे देते थे और पुलिस का डर दिखाकर जल्दी  निकल जाने को कहते थे जिससे ठगा हुआ व्यक्ति पुलिस के पास शिकायत करने भी नही जाता था|

मुलताई के एक सोनी से खरीदते थे पीतल की सीट

नकली सोने के गिन्नी व बिस्किट बनाने के लिए गिरोह मुलताई के एक ज्वेलर्स सचिन सोनी पिता रमेश सोनी से पीतल की सीट खरीदते थे पुलिस ने सचिन सोनी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि वह गिरोह की अपने घर से ही औजार व पीतल की कतरन मुहैया कराता था | पुलिस की टीम ने नकली सोना बेचने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमे शिलाजीत पारधी, हरियल पारधी,दिवाकर पारधी,मानसिंह पारधी ये सभी पारधी ढाना बैतूल निवासी है इनके अलावा गिरोह जा सरगना अलगिर पारधी फरार है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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