Corona effect: मुफ्त में बांटे गए सैनिटाइजर, लोगों को किया गया जागरूक

Corona effect: मुफ्त में बांटे गए सैनिटाइजर, लोगों को किया गया जागरूक

बैतूल। वाजिद खान। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए मध्य प्रदेश के बैतूल में स्वास्थ्य कर्मियों ने खुद सेनेटाइजर तैयार कर गरीब लोगों को बांटा । बैतूल जिला अस्पताल के ब्लड बैंक और पैथोलॉजी लैब के स्टाफ ने मिलकर तैयार किए सैनिटाइजर शहर के स्लम एरिया में गरीब लोगों को वितरित किये गए । नागरिकों को कोरोना से बचने के उपाय बताए गए साथ ही जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई अपील के पंपलेट भी लोगों को वितरित किए गए जिसमें कोरोना वायरस से बचने के उपाय बताए गए हैं । जिला अस्पताल के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ अंकिता सीते ने का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए हाथों को धोना और सेनेटाइज करना जरूरी है पर बाजार में सैनिटाइजर महंगे मिलने के कारण गरीब लोग सैनिटाइजर खरीद नहीं पा रहे हैं इसको लेकर ब्लड बैंक और जिला अस्पताल के पैथोलॉजी लैब के स्टाफ ने आपस में सहयोग कर कर आइसो प्रोपाईल अल्कोहल (स्प्रिट), एलोवेरा जेल ,डिटॉल और ग्लिसरीन मिलाकर उत्तम गुणवत्ता वाला सैनिटाइजर तैयार किया और शीशी में भरकर तैयार किया । जिला अस्पताल के स्टाफ और समाजसेवियों के साथ बैतूल के हमलापुर इलाके के माझी नगर में गरीब लोगों को वितरित किया और उन्हे इसके उपयोग के उपाय भी बताए । कोरोना वायरस से बचने के अन्य उपाय भी बताएं गए । यह भी बताया कि हाथ धोने के अलावा अगर कहीं बाहर जा रहे हैं तो हाथों को सैनिटाइज करे । स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोनावायरस से बचने के लिए जारी की गई अपील के पंपलेट वितरित किए गए। इन पंपलेट को मांझी नगर के घरों की दीवारों पर भी चिपकाए गए । समाजसेवी विक्रम वेध ने बताया कि मांझी नगर में गरीब लोगों को सैनिटाइजर वितरित किये गए साथ ही पंपलेट दिए गए और कोरोना वायरस से बचने के लिए उन्हें समझाइश दी गई।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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