भिंड जिले के अटेर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बंद होने से ग्रामीण जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 20 से ज्यादा गांवों में लगातार ब्लैकआउट के कारण लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं। गर्मी के बीच हालात और भी मुश्किल हो गए हैं।
बिजली न होने से न सिर्फ घरेलू कामकाज रुक गए हैं, बल्कि छोटे कारखाने, दुकानों और सरकारी दफ्तरों का काम भी प्रभावित हुआ है। बैंक और डाकघर जैसी जरूरी सेवाओं में भी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
भिंड ब्लैकआउट से ग्रामीणों की जिंदगी पर असर
अटेर क्षेत्र के करीब 20 गांव इस समय गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली न होने से सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है, क्योंकि कई गांवों में पानी सप्लाई पूरी तरह बिजली पर निर्भर है। हैंडपंप और मोटर बंद होने से लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह स्थिति और भी कठिन हो गई है।
इसके अलावा छोटे स्तर के उद्योग और घरेलू कामकाज भी ठप हो गए हैं। कई कारीगरों और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि मोबाइल और अन्य उपकरण चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
अटेर बिजली संकट की वजह और विभाग की सफाई
बिजली विभाग के अनुसार यह समस्या भिंड से आने वाली 33 केवी लाइन में आई तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुई है। विभाग की टीम लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई है, लेकिन अब तक पूरी तरह से सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि लाइन को ठीक करने में समय लग रहा है क्योंकि कुछ हिस्सों में बड़ी तकनीकी दिक्कत सामने आई है।
वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद काम में तेजी नहीं दिखाई जा रही है। अटेर क्षेत्र के सोई, जौरा, कमेरा, रावली, कल्याणपुर, बालेश्वर, देवपुरा और कई अन्य गांव इस ब्लैकआउट से प्रभावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो पानी और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि 72 घंटे से चल रहा यह बिजली संकट खत्म हो सके और गांवों में सामान्य स्थिति लौट सके।






